चमोली : ज्योतिर्मठ में घायल माउंटेन हॉक ईगल का सफल रेस्क्यू, पंखों और पैरों में मिले घाव

Team PahadRaftar

एनटीपीसी पावर हाउस के समीप झाड़ियों में मिला शिकारी पक्षी, नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की क्यूआरटी टीम ने रेंज कार्यालय पहुंचाया

संजय कुंवर, ज्योतिर्मठ। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ क्षेत्र के हेलंग-अनीमठ स्थित एनटीपीसी पावर हाउस के समीप घायल अवस्था में मिले दुर्लभ शिकारी पक्षी माउंटेन हॉक ईगल का नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क की क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) ने सफल रेस्क्यू किया। पक्षी के प्राथमिक पंखों और पैरों में चोट के निशान मिले हैं। उसे उपचार के लिए ज्योतिर्मठ रेंज कार्यालय लाया गया है।

जानकारी के अनुसार, अनीमठ पावर हाउस साइट के समीप कार्यरत कुछ स्थानीय युवाओं को यह पक्षी घायल अवस्था में दिखाई दिया। वह चलने-फिरने में भी असमर्थ नजर आ रहा था। जागरूक युवा सूरज भुजवान ने इसकी सूचना क्षेत्र के बर्ड वाचिंग विशेषज्ञ संजय कुंवर और वन विभाग को दी। इसके बाद नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के ज्योतिर्मठ रेंज कार्यालय की टीम रेंज अधिकारी आशीष जिरवाण के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। क्यूआरटी टीम के सदस्य आकाश पुंडीर, संदीप सिंह, बिजेंद्र लाल शाह और अभिषेक सिंह ने संजय कुंवर के सहयोग से झाड़ियों में छिपे घायल पक्षी को सुरक्षित रेस्क्यू किया।

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के वन क्षेत्राधिकारी आशीष जिरवाण ने बताया कि रेस्क्यू सफल रहा है। पक्षी के प्राथमिक पंखों और पैरों में घाव दिखाई दिए हैं। उसे बेहतर उपचार के लिए रेंज कार्यालय लाया गया है। चोट लगने के कारणों का पता चिकित्सकीय जांच के बाद ही चल सकेगा।

बिजली के करंट से घायल होने की आशंका

क्षेत्र के बर्ड वाचिंग विशेषज्ञ संजय कुंवर ने बताया कि रेस्क्यू किया गया पक्षी माउंटेन हॉक ईगल है, जिसे पहाड़ी शहबाज भी कहा जाता है। इसके सिर पर आकर्षक कलगी, वी आकार की पूंछ और छाती पर सफेद धारियां इसकी प्रमुख पहचान हैं। इसकी आवाज सीटी जैसी होती है। यह शिकारी पक्षी चट्टानों के बजाय पेड़ों पर अधिक समय बिताता है।

उन्होंने बताया कि बुधवार शाम को उन्हें मैसेंजर पर पक्षी की तस्वीर के साथ उसके घायल होने की सूचना मिली थी। इसके बाद उन्होंने तत्काल रेंज अधिकारी से संपर्क किया और पार्क की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पक्षी के पंखों और पैरों में चोट को देखते हुए पावर हाउस क्षेत्र में बिजली के करंट से घायल होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, चोट के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

रेस्क्यू अभियान में स्थानीय युवाओं और वन विभाग की त्वरित पहल से घायल पक्षी को समय पर सहायता मिल सकी। फिलहाल पक्षी का उपचार किया जा रहा है।

Leave a Reply

You May Like