ऊखीमठ : फापज बरसाल में नौ दिवसीय नाग नृत्य का समापन, कृष्ण लीलाओं के गीतों से भक्तिमय हुई मदमहेश्वर घाटी

Team PahadRaftar

पौराणिक गीतों और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन, लोक संस्कृति के संरक्षण का दिया संदेश

लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ। मदमहेश्वर घाटी की ग्राम पंचायत फापज बरसाल में आयोजित नौ दिवसीय पारंपरिक नाग नृत्य का विधिवत समापन हो गया। नौ दिनों तक चले धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में पौराणिक गीतों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का गुणगान किया गया। इससे बरसाल गांव सहित पूरी मदमहेश्वर घाटी का माहौल भक्तिमय बना रहा।

नाग नृत्य के समापन समारोह में राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने प्रतिभाग किया। आयोजन में लोक परंपराओं और धार्मिक आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। लोक गायक बिक्रम सिंह नेगी ने पौराणिक प्रसंगों को पारंपरिक गीतों के माध्यम से प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।

समापन अवसर पर राज्य मंत्री चण्डी प्रसाद भट्ट ने कहा कि पारंपरिक धार्मिक आयोजन लोक संस्कृति, आस्था और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। नाग नृत्य जैसी परंपराएं प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने कहा कि मदमहेश्वर घाटी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं क्षेत्र की विशिष्ट पहचान हैं। ऐसे आयोजनों में ग्रामीणों की भागीदारी लोक संस्कृति के प्रति उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाती है।

नौ दिवसीय आयोजन के दौरान ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। पारंपरिक नाग नृत्य ने जहां धार्मिक आस्था को मजबूती दी, वहीं क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति के संरक्षण का संदेश भी दिया।

इस मौके पर कार्तिकेय मंदिर समिति के अध्यक्ष बिक्रम सिंह नेगी, राज्य महिला आयोग की सदस्य दर्शनी पंवार, प्रधान संगठन के ब्लॉक महामंत्री मदन भट्ट, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद राणा, प्रधान आशा देवी, पूर्व प्रधान दलेब राणा, क्षेत्र पंचायत सदस्य सारी भरत सिंह नेगी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य लक्ष्मण राणा, वन पंचायत सरपंच शिव सिंह नेगी, महिला मंगल दल अध्यक्ष अंजू देवी, नाग नृत्य समिति के अध्यक्ष दर्शन सिंह नेगी सहित विभिन्न गांवों के जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और श्रद्धालु मौजूद रहे।

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