ऊखीमठ : भगवती नन्दा की विदाई पर छलकीं धियाणियों की आंखें, तपस्थली मक्कूमठ पहुंचीं देवी

Team PahadRaftar

भगवती नन्दा की विदाई पर छलकीं धियाणियों की आंखें, तपस्थली मक्कूमठ पहुंचीं देवी

सारी गांव में छलकीं महिलाओं की आंखें, रामनवमी से शरद पूर्णिमा तक तुंगनाथ घाटी के गांवों में रही भक्तिमय छटा

लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ। पर्यटक गांव सारी से रविवार को भगवती नन्दा भावुक क्षणों के बीच विदा होकर अपनी तपस्थली मक्कूमठ पहुंचीं। यहां जगत कल्याण की कामना के साथ भगवती नन्दा तपस्यारत हो गईं। महिलाओं के पौराणिक जागरों, सैकड़ों श्रद्धालुओं की जयकारों और स्थानीय वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों के बीच देवी को विदाई दी गई। इस दौरान महिलाओं और धियाणियों की आंखें छलक उठीं। तुंगनाथ घाटी के विभिन्न गांवों में रामनवमी से शरद पूर्णिमा तक धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति की अनूठी छटा देखने को मिली।

भगवती नन्दा के क्षेत्र भ्रमण के दौरान काण्डा, हूण्डू, उषाड़ा, दैड़ा और सारी गांव में धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों में पारंपरिक बगड़वाल नृत्य आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। देवी के आगमन से ग्रामीणों, धियाणियों और पर्यटकों में उत्साह बना रहा तथा पूरा क्षेत्र कई दिनों तक भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।

रविवार को सारी गांव से भगवती नन्दा की विदाई के समय ग्रामीणों ने पारंपरिक स्थानीय व्यंजन अर्पित कर मनौतियां मांगीं। महिलाएं और धियाणियां खेत-खलिहानों तक देवी की राह निहारती रहीं और अगले वर्ष फिर से आगमन की कामना करती रहीं। विदाई के भावुक क्षणों में श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ भगवती नन्दा को विदा किया।

युगों पुरानी है क्षेत्र भ्रमण की परंपरा

तारा भट्ट ने बताया कि भगवती नन्दा के प्रति वर्ष शारदीय नवरात्र की अष्टमी से क्षेत्र भ्रमण की परंपरा युगों पुरानी है। देवी इन गांवों का भ्रमण कर ग्रामीणों को आशीर्वाद देती हैं। पूर्व सूचना अधिकारी गजपाल भट्ट ने बताया कि देवी के आगमन पर विभिन्न गांवों में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं और पारंपरिक जागरों के माध्यम से उनकी महिमा का गुणगान किया जाता है।

सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल बड़वाल ने कहा कि भगवती नन्दा के आगमन से गांवों में भक्तिमय वातावरण बना रहता है और लोगों की देवी के प्रति अगाध श्रद्धा देखने को मिलती है। उषाड़ा के ग्राम प्रधान प्रतिपाल बड़वाल ने विदाई के क्षणों को भावुक बताया। पूर्व प्रधान प्रदीप बड़वाल ने कहा कि देवी की परंपरा ग्रामीणों के बीच प्रेम और सौहार्द को मजबूत करती है। पूर्व प्रधान योगेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार देवी को विभिन्न व्यंजन अर्पित कर मनौतियां मांगते हैं।

इस अवसर पर रणजीत सिंह नेगी, मुरली सिंह नेगी, रघुवीर सिंह नेगी, दिलवर भट्ट, दिलवर नेगी, कुलदीप नेगी, अंकित नेगी, अशोक भट्ट, कलम भट्ट, रामेश्वरी भट्ट, नन्दा जागरी नर्मदा देवी, गुड्डी सहित सैकड़ों श्रद्धालु, धियाणियां और ग्रामीण मौजूद रहे।

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