
डोली के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, चेपड़ो में हुआ रात्रि पड़ाव; जगह-जगह भंडारों से सेवा में जुटे नंदा भक्त
गिरीश चंदोला थराली। सिद्धपीठ कुरुड़ से वेदनी की ओर निकली मां नंदा की ऐतिहासिक लोकजात यात्रा शुक्रवार को थराली पहुंची। मां नंदा की डोली के थराली पहुंचते ही पूरा क्षेत्र ‘जय मां नंदा’ के जयकारों से गूंज उठा। डोली के दर्शन और आशीर्वाद के लिए यात्रा मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। आस्था के इस सैलाब को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने यात्रा मार्ग के विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया है।
गुरुवार को अमावस्या के दिन मां नंदा की डोली का रात्रि पड़ाव सूना गांव में रहा। यहां विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की गई। शुक्रवार सुबह पूजा-अर्चना के बाद डोली अगले पड़ाव थराली के लिए रवाना हुई। थराली गांव पहुंचने पर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर डोली का स्वागत किया। इस दौरान पूरा क्षेत्र मां नंदा के जयकारों से गूंजता रहा।
दर्शन को उमड़ा श्रद्धालुओं का कारवां
मां नंदा की डोली के साथ श्रद्धालुओं का कारवां कोटडीप, थराली बाजार, केदारबगड़ और राड़ीबगड़ होते हुए चेपड़ो पहुंचा। जगह-जगह ग्रामीणों ने डोली का स्वागत किया। यात्रा के दौरान मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई।
चेपड़ो पहुंचने पर मां नंदा के पश्वा पर देवी अवतरित हुईं। इस दौरान श्रद्धालुओं ने देवी का आशीर्वाद लिया। भक्तों ने नए फल, पुष्प और भेंटोली अर्पित कर अपनी मनौतियां मांगीं। इसके बाद चेपड़ो में मां नंदा की डोली का रात्रि पड़ाव हुआ।
भंडारों में श्रद्धालुओं की सेवा
यात्रा मार्ग में जगह-जगह नंदा भक्तों और ग्रामीणों की ओर से भंडारों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं को प्रसाद और भोजन कराया गया। डोली के साथ चल रहे श्रद्धालुओं के कारवां और ग्रामीणों की सेवा भावना ने यात्रा के धार्मिक एवं सामाजिक स्वरूप को और मजबूत किया।
इस बार बड़ी जात और लोकजात यात्रा को लेकर लोगों के बीच भले ही कुछ भ्रम की स्थिति बनी हुई हो, लेकिन मां नंदा के प्रति आस्था में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है। यात्रा मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का पहुंचना इसका प्रमाण है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अलर्ट
यात्रा में बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी अलर्ट है। यात्रा मार्ग के अलग-अलग स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ वाले स्थानों पर पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने के साथ यातायात और सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं।
मां नंदा की डोली के साथ आगे बढ़ रहा श्रद्धालुओं का कारवां अब अगले पड़ाव की ओर रवाना होगा। हर पड़ाव पर आस्था, परंपरा और लोकसंस्कृति का रंग और गहरा होता जा रहा है।

