चमोली : ड्याली सेरा ट्रैक बना ट्रैक ऑफ द ईयर, चमोली के पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान

Team PahadRaftar

संजय कुंवर, ज्योतिर्मठ। चमोली जिले के ज्योतिर्मठ विकासखंड में स्थित अनछुआ और खूबसूरत ड्याली सेरा ट्रैक अब देश-दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (यूटीडीबी) ने ड्याली सेरा को वर्ष 2026 का ‘ट्रैक ऑफ द ईयर’ घोषित किया है। इसके बाद क्षेत्र के पर्यटन कारोबारियों और ग्रामीणों में खुशी की लहर है।

जिला पर्यटन विकास अधिकारी कार्यालय चमोली की ओर से एडवेंचर एसोसिएशन एंड वेलफेयर सोसाइटी चमोली तथा होटल एसोसिएशन औली-ज्योतिर्मठ को जारी पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दी गई है।

एक सितंबर से शुरू होगा ट्रैकिंग अभियान

जिला पर्यटन विकास अधिकारी चमोली अरविंद गौड़ ने बताया कि क्षेत्र के पर्यटन कारोबारियों की मांग को देखते हुए ड्याली सेरा ट्रैक को ‘ट्रैक ऑफ द ईयर 2026’ के लिए चयनित किया गया है। इसके तहत एक सितंबर 2026 से 30 मार्च 2027 तक विशेष ट्रैकिंग अभियान चलाया जाएगा।

अभियान का संचालन उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के अधीन पंजीकृत स्थानीय टूर ऑपरेटर एजेंसियों और फर्मों के माध्यम से किया जाएगा। प्रदेश के साथ देश के अन्य हिस्सों से आने वाले ट्रैकर भी इसमें शामिल हो सकेंगे।

पहले 300 ट्रैकरों को मिलेगी दो हजार रुपये की सब्सिडी

ट्रैकिंग को बढ़ावा देने के लिए पहले 300 ट्रैकरों को पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दो हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। सब्सिडी अभियान संचालित करने वाली संबद्ध टूर ऑपरेटर एजेंसी को पर्यटन विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी।

सुविधाएं विकसित करने की मांग

एडवेंचर एसोसिएशन एंड वेलफेयर सोसाइटी चमोली से जुड़े पर्यटन कारोबारी विवेक पंवार ने ड्याली सेरा को ट्रैक ऑफ द ईयर घोषित किए जाने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि इस रूट को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ जरूरी सुविधाएं विकसित करना आवश्यक है।

उन्होंने ट्रैक रूट पर कैम्प साइट, पेयजल और रूट मेंटेनेंस जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की मांग की।

कुंवारी पास पर कम होगा दबाव

पर्यटन कारोबारियों के अनुसार ड्याली सेरा ट्रैक के विकसित होने से कुंवारी पास पर बढ़ रहे पथारोहियों के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी। ट्रैकरों को नया विकल्प मिलने से पर्यटन गतिविधियां अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार पाएंगी।

इससे आसपास की ग्राम सभाओं में होम स्टे, स्थानीय गाइड, पोर्टर और अन्य पर्यटन गतिविधियों के जरिए रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

चिनाप वैली के बाद ड्याली सेरा को मिला मौका

विवेक पंवार ने बताया कि वर्ष 2025 में चिनाप वैली को ‘ट्रैक ऑफ द ईयर’ घोषित किया गया था। अब ड्याली सेरा को यह अवसर मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पर्यटन विभाग अभियान के साथ इस ट्रैक के स्थायी विकास और प्रचार-प्रसार पर भी ध्यान देगा।

ड्याली सेरा के ट्रैक ऑफ द ईयर बनने से ज्योतिर्मठ क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। अब चुनौती इस अनछुए ट्रैक को सुरक्षित, सुविधाजनक और टिकाऊ पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की होगी।

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