ऊखीमठ : स्थायी नियुक्ति समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर बाजीगर समाज भूख हड़ताल पर

Team PahadRaftar

ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में धरने पर बैठे हक-हकूकधारी, वर्षों की सेवा के बावजूद उपेक्षा का आरोप

लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ। बदरी -केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) में वर्षों से विभिन्न धार्मिक एवं व्यवस्थागत दायित्वों का निर्वहन कर रहे हक-हकूकधारी बाजीगर समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार से ओंकारेश्वर मंदिर परिसर में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। आंदोलनकारियों का कहना है कि वर्षों से मंदिर समिति की सेवा में समर्पित रहने के बावजूद उन्हें स्थायी नियुक्ति और अन्य मूलभूत अधिकारों से वंचित रखा गया है।

भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारियों ने कहा कि यात्रा सीजन हो या अन्य धार्मिक आयोजन, बाजीगर समाज के लोगों ने पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दी हैं। इसके बावजूद आज तक उनकी सेवाओं का समुचित मूल्यांकन नहीं किया गया और उनका भविष्य असुरक्षित बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शासन, प्रशासन और मंदिर समिति के समक्ष अपनी समस्याएं रखी गईं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी पांच सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक एवं लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। उनका कहना है कि हक-हकूकधारी व्यवस्था सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा है और बाजीगर समाज मंदिर व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में उनके अधिकारों और रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और बदरी-केदार मंदिर समिति की जिम्मेदारी है।

ये हैं प्रमुख मांगें

  • वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति।
  • सेवा अवधि का अभिलेखीकरण कर वरिष्ठता का लाभ।
  • वेतन, भत्तों एवं अन्य सेवा सुविधाओं का निर्धारण।
  • सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं भविष्य निधि (पीएफ) जैसी सुविधाएं लागू करना।
  • हक-हकूकधारी बाजीगर समाज के अधिकारों की विधिवत सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना।

भूख हड़ताल की सूचना मिलने पर व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट और नामित सभासद चन्द्रमोहन उखियाल आंदोलन स्थल पहुंचे और अपना समर्थन दिया। व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट ने कहा कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और बद्री-केदार मंदिर समिति की होगी।

भूख हड़ताल पर वीरेन्द्र लाल, विजय लाल, राजू लाल, विजयपाल और सतेश्वरी देवी बैठे हैं। आंदोलनकारियों ने मांगों के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए कहा कि न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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