कल खुलेंगे विश्व धरोहर फूलों की घाटी के द्वार, तैयारियां पूरी
संजय कुंवर गोविंदघाट (चमोली)। यूनेस्को की विश्व प्राकृतिक धरोहर सूची में शामिल फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान सोमवार एक जून से पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही देश-विदेश से आने वाले प्रकृति प्रेमियों को हिमालय की गोद में बसे रंग-बिरंगे पुष्पों के अद्भुत संसार का दीदार करने का अवसर मिलेगा। पार्क प्रशासन ने घाटी में सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

भ्यूंडार घाटी में स्थित विश्व प्रसिद्ध वैली ऑफ फ्लावर्स में इस वर्ष सीजन की शुरुआत से पहले ही विभिन्न प्रजातियों के अल्पाइन पुष्प खिलने लगे हैं। अनुकूल मौसम के चलते घाटी का प्राकृतिक सौंदर्य निखरने लगा है, जिससे शुरुआती दौर में आने वाले पर्यटक भी फूलों की रंगीन छटा का आनंद ले सकेंगे।
रविवार को नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) अभिमन्यु ने फूलों की घाटी पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने पर्यटकों की सुरक्षा, ट्रैक मार्गों की स्थिति और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
फूलों की घाटी की रेंज अधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि सोमवार सुबह मुख्य प्रवेश द्वार पर पूजा-अर्चना के साथ पर्यटन सत्र का शुभारंभ किया जाएगा। इसके बाद पार्क प्रशासन, ईको डेवलपमेंट कमेटी (ईडीसी) भ्यूंडार, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पर्यटकों की मौजूदगी में पहले दल को घाटी के लिए रवाना किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि घाटी की जैव विविधता और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। वन विभाग के कर्मचारी लगातार गश्त कर रहे हैं और पूरे क्षेत्र में निगरानी बनाए हुए हैं। पर्यावरण संरक्षण के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
फूलों की घाटी अपनी दुर्लभ पुष्प प्रजातियों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। हर वर्ष हजारों पर्यटक यहां पहुंचकर हिमालयी जैव विविधता और प्राकृतिक वैभव का अनुभव करते हैं।
स्थानीय पर्यटन कारोबार को मिलेगी गति
घाटी खुलने से गोविंदघाट, पुलना, भ्यूंडार और घांघरिया क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे होमस्टे, होटल, पोर्टर, घोड़ा-खच्चर संचालकों और स्थानीय व्यापारियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
फूलों की घाटी एक नजर में
- 1 जून से पर्यटकों के लिए खुलेगी फूलों की घाटी
- यूनेस्को की विश्व प्राकृतिक धरोहर में है शामिल
- डीएफओ अभिमन्यु ने तैयारियों का किया निरीक्षण
- पूजा-अर्चना के बाद पर्यटकों के पहले दल को किया जाएगा रवाना
- जैव विविधता संरक्षण के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था।

