
बदरीनाथ में बद्रीश और शेष नेत्र झील की चमक फीकी, गंदगी से प्राकृतिक सौंदर्य पर संकट
संजय कुंवर बदरीनाथ। चारधाम यात्रा के बीच भू-बैकुंठ नगरी की पहचान मानी जाने वाली बद्रीश झील और शेष नेत्र झील अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं। साफ-सफाई के अभाव में दोनों झीलों में घास, काई और गंदगी की परत जम गई है, जिससे इनका प्राकृतिक सौंदर्य लगातार प्रभावित हो रहा है।
हालात ऐसे हैं कि कभी इन झीलों में दिखाई देने वाले जलीय पक्षी और ग्रीष्मकालीन आगंतुक पक्षियों ने भी यहां से दूरी बना ली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि झीलों की अनदेखी से न सिर्फ पर्यटन प्रभावित हो रहा है, बल्कि यहां का प्राकृतिक ईको सिस्टम भी खतरे में पड़ता दिख रहा है।
चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन स्थलों तक पहुंचते हैं, लेकिन झीलों की मौजूदा स्थिति लोगों को निराश कर रही है। झीलों के आसपास फैली गंदगी और जमी काई से बदरी पुरी की सुंदरता भी धूमिल होती नजर आ रही है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए बीकेटीसी उपाध्यक्ष ने संबंधित कार्यदायी संस्था और पीडब्ल्यूडी/पीआईए एजेंसी से संपर्क कर जल्द सफाई कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बद्रीश और शेष नेत्र झील बदरीनाथ धाम की आस्था और प्राकृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, इसलिए इनकी स्वच्छता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि संबंधित एजेंसी को झीलों की साफ-सफाई और प्राकृतिक स्वरूप बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को फिर से इन झीलों की सुंदरता देखने को मिल सके।

