भोलेश्वर मंदिर में रुकवाया गया बाल विवाह, प्रशासन की सक्रियता से बचा नाबालिग का भविष्य
लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ। रुद्रप्रयाग जनपद के ऊखीमठ क्षेत्र में प्रशासन, पुलिस और बाल संरक्षण विभाग की तत्परता से एक नाबालिग का बाल विवाह रुकवा दिया गया। भोलेश्वर मंदिर में शादी की तैयारी चल रही थी, ले

किन समय रहते टीम के पहुंचने से नाबालिग का भविष्य सुरक्षित हो गया।
जानकारी के अनुसार बाल विकास परियोजना अधिकारी को सूचना मिली थी कि ऊखीमठ के पास भोलेश्वर मंदिर में एक नाबालिग बालिका का विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही विभागीय टीम मौके पर भेजी गई, जहां मामले की पुष्टि हुई।
इसके बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी के निर्देश पर वन स्टॉप सेंटर और थाना ऊखीमठ को सूचना दी गई। थाना प्रभारी के निर्देशन में पुलिस टीम भी मंदिर परिसर पहुंच गई।
संयुक्त टीम ने दोनों पक्षों के परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसमें शामिल अभिभावकों को दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। साथ ही नाबालिग बालिका से विवाह करने पर पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
समझाइश के बाद दोनों पक्षों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए विवाह रोकने पर सहमति जताई। परिजनों ने लिखित आश्वासन दिया कि बालिका के बालिग होने के बाद ही विवाह कराया जाएगा।
प्रशासन ने लोगों से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आगे आने और ऐसी किसी भी सूचना की जानकारी तुरंत संबंधित विभाग या चाइल्ड हेल्पलाइन को देने की अपील की है।

