
वेद मंत्रों के बीच खुले तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट, 600+ श्रद्धालु बने साक्षी
8 कुंतल फूलों से सजा धाम, चोपता-भुजगली में भंडारे, यात्रा पड़ावों पर लौटी रौनक
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ : पंच केदारों में तृतीय केदार के रूप में विख्यात भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट बुधवार को विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के पावन अवसर पर देश-विदेश से आए 600 से अधिक श्रद्धालु इस दिव्य क्षण के साक्षी बने, जबकि दिनभर धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही।
कपाटोद्घाटन के अवसर पर तुंगनाथ मंदिर सहित सभी सहायक मंदिरों को करीब 8 कुंतल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। वहीं चोपता और भुजगली में श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
ब्रह्म बेला में चोपता स्थित भूतनाथ मंदिर में विद्वान आचार्यों द्वारा पंचांग पूजन के तहत विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कर तैंतीस कोटि देवी-देवताओं का आह्वान किया गया। इसके बाद सुबह ठीक 8 बजे भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली का आकर्षक श्रृंगार कर आरती उतारी गई और डोली को कैलाश के लिए रवाना किया गया।
डोली यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पुष्प और अक्षत अर्पित कर अगुवाई की तथा मनौतियां मांगीं। सुरम्य बुग्यालों से गुजरते हुए डोली करीब 11 बजे धाम पहुंची, जहां मंदिर की परिक्रमा और सहायक मंदिरों में दर्शन के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कपाट खोल दिए गए।
कपाट खुलने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान तुंगनाथ के स्वयंभू लिंग का जलाभिषेक कर विश्व शांति और समृद्धि की कामना की। आचार्यों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना भी संपन्न कराई गई।
इस अवसर पर देहरादून निवासी सुरेंद्र असवाल और अगस्तमुनि निवासी धीर सिंह नेगी के सहयोग से मंदिर परिसर को सजाया गया। वहीं लोक निर्माण विभाग ऊखीमठ और सामाजिक कार्यकर्ता नारायण दत्त जुयाल के नेतृत्व में भुजगली तथा दिल्ली निवासी पंकज जिंदल द्वारा चोपता में भंडारे आयोजित किए गए।
कपाट खुलते ही तुंगनाथ धाम और यात्रा मार्ग के सभी पड़ावों पर एक बार फिर चहल-पहल लौट आई है, जिससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी गति मिलने की उम्मीद है।
इस दौरान पूर्व विधायक मनोज रावत, राज्य महिला आयोग सदस्य दर्शनी पंवार, जिला पंचायत सदस्य प्रीति पुष्वाण समेत कई जनप्रतिनिधि, हक-हकूकधारी, पंच पुरोहित और सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

