
पहाड़ रफ्तार
ज्योतिर्मठ : बर्ड वाचरों को लुभा रहा इजराइल का राष्ट्रीय पक्षी यूरेशियन हूपो ( हुदहुद)
नन्दा देवी बायोस्पियर रिजर्व के ज्योतिर्मठ औली कंपार्टमेंट में इन दिनों पक्षी प्रेमियों को समर विजिटर पक्षियों के साथ-साथ सिर पर आकर्षक क्राउन ताज वाले हुदहुद पक्षी का दीदार हो रहा है जो इन दिनों खूब चर्चाओं में है। ज्योतिर्मठ क्षेत्र के टीवी टावर,सुनील, इंद्रा प्वाइंट,ओचा धार, मनौटी,औली,रविग्राम ऐटी कंपनी,गोंख बीट जीरो बैंड खंचा तोक की बर्ड वाचिंग ट्रेल में ये पक्षी बर्ड वाचिंग के दौरान नजर आया है। इन दिनों हुदहुद पक्षी का प्रजनन काल चल रहा है। ज्योतिर्मठ के रवि ग्राम मनौटी बर्ड वाचिंग साईट पर तो हुदहुद पक्षी के घोंसले पक्षी अवलोकन कर्ताओं और प्रकृति प्रेमियों के लिए सुखद अनुभूति प्रदान कर रहे है। ज्योतिर्मठ क्षेत्र में पक्षी अवलोकन माइग्रेट प्रजातियों पर कार्य कर रहे ईको टूरिज्म एक्सपर्ट संजय कुंवर बताते हैं कि इस प्रवासी पक्षी को यूरेशियन हूपो/ हुदहुद पक्षी के नाम से जाना जाता है. यह पक्षी अपने धार्मिक और आध्यात्मिक सांस्कृतिक पहचान के लिए भी प्रसिद्ध है।
दरअसल इसके सिर पर मौजूद चटक ताजनुमा आकर्षक पंख इस पक्षी को आम पक्षी से बेहद ही खास पक्षी बना देता हैं. इस पक्षी की एक ओर खास बात ये है कि यह यहूदी कथाओं में काफी प्रचलित है इनकी सिर का ताज भी यहूदी कथाओं में हजरत सुलेमान द्वारा दिए गए वरदान की कहानी की याद ताजा करता है। वहीं ये पक्षी इजरायल राष्ट्र का राष्ट्रीय पक्षी भी है. इस पक्षी को इजरायल देश ने किस तरह अपना राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया आइए आपको बताते हैं
बात वर्ष 2008 की है जब इजरायल देश में करीब एक लाख 55 हजार लोगों के मध्य एक विशेष सर्वे किया गया था, तब के तत्कालीन इजराइल देश के राष्ट्र अध्यक्ष राष्ट्रपति शिमोन पेरेज ने अपने देश की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर देश वासियों को तोहफे के रूप में इस हुदहुद/यूरेशियन हुपु पक्षी राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया था।
इस आकर्षक पक्षी हुदहुद को लेकर कई कहानियां किस्से प्रचलित हैं, कहते हैं कि सपनों में हुदहुद पक्षी को देखना भी कामयाबी की निशानी मानी जाती है। कहा ये भी जाता है कि कि यह पक्षी हजरत सुलेमान की सेना में बेहद खास माना जाता था ओर सेना में ये आगे – आगे उड़ता जाता था और सेना को युद्ध में रास्ते और पानी की खबर देता था।
बात अगर गढ़वाल हिमालय की करें तो ये हुदहुद पक्षी हिमालय क्षेत्र में प्रवास के दौरान ज्यादा आते हैं और ऊंचाई वाले इलाकों में देखे जाते हैं, कई बार इन्हें (21,000 फीट) पर भी आइडेंटिफाई किया गया है। यह हुदहुद पक्षी हिमालय क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के पहाड़ी वातावरण में नजर आ जाता है, जिसमें पर्वतीय मिश्रित वन, घास के चारागाह और कृषि खेती बाड़ी वाले क्षेत्र भी शामिल हैं. पक्षी प्रेमी संगीता भट्ट,विशाल नंबूरी,भावना,महेंद्र भुजवान, पंकज रावत, जयदीप भट्ट बताते है कि खेतों में काम करते वक्त आजकल ये कलंकी वाला ये निडर हुदहुद पक्षी अधिकतर अकेले या कभी जोड़े में खेतों में भोजन के लिए कीड़े मकोड़े तलाशता हुआ नजर आ जा रहा है। और जब ये किसी कारण से अलर्ट हो जाता है तो इसकी कलंकी/क्राउन खड़े हो जाते हैं और ये जोर – जोर से आवाज निकालने लगते हैं,नजदीक से इन पक्षियों के व्यवहार का इस तरह अवलोकन करने पर बेहद सुखद अनुभूति होती हैं।

