ऊखीमठ : देवरियाताल ट्रैक विकास को ग्रामीणों की पहल

Team PahadRaftar

ऊखीमठ – पैंज पैदल मार्ग के निरीक्षण को निकला दल, पर्यटन और रोजगार की जताई उम्मीद

लक्ष्मण नेगी

ऊखीमठ : क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में ऊखीमठ–उदयपुर–पैंज–देवरियाताल पैदल ट्रैक के विकास को लेकर ग्रामीणों ने पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में 10 सदस्यीय ग्रामीणों का दल पैदल ट्रैक का निरीक्षण करते हुए देवरियाताल पहुंचा। इस दौरान दल ने मार्ग की मौजूदा स्थिति का जायजा लेते हुए इसे विकसित किए जाने की जरूरत पर जोर दिया।

 

ग्रामीणों ने ऊखीमठ से पैंज होते हुए देवरियाताल तक के पारंपरिक पैदल मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्थानों पर टूटी पगडंडियां, झाड़ियों का फैलाव, संकेतक बोर्डों की कमी और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव जैसी समस्याएं सामने आईं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस ट्रैक को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जाए तो यह क्षेत्र देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

प्राकृतिक सौंदर्य के बावजूद ट्रैक उपेक्षित

निरीक्षण दल का नेतृत्व कर रहे गायत्री देवी चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन बलबीर धर्म्वाण ने कहा कि देवरियाताल अपने प्राकृतिक सौंदर्य, हिमालयी शिखरों के विहंगम दृश्य और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। इसके बावजूद ऊखीमठ–पैंज–देवरियाताल पैदल ट्रैक का पर्याप्त विकास नहीं होने के कारण इस मार्ग से आने वाले पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि इस ट्रैक को यदि व्यवस्थित ट्रेकिंग रूट के रूप में विकसित किया जाए तो ऊखीमठ से पैंज और देवरियाताल तक फैले क्षेत्र में पर्यटन को नई दिशा मिल सकती है।

स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के रास्ते

दल में शामिल ओंकारेश्वर वार्ड के सभासद प्रदीप धर्म्वाण ने कहा कि इस ट्रैक के विकास से क्षेत्र में होमस्टे, गाइड सेवा, स्थानीय उत्पादों की बिक्री, परिवहन और छोटे पर्यटन व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और पलायन पर भी अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।

सरकार से प्राथमिकता पर विकास की मांग

ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि ऊखीमठ–पैंज–देवरियाताल ट्रैक को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाए। इसके तहत ट्रैक की मरम्मत, संकेतक बोर्ड, विश्राम स्थल, सुरक्षा व्यवस्था और स्वच्छता सुविधाओं के विकास को जरूरी बताया गया है।

दल ने यह भी निर्णय लिया कि जनसहभागिता के माध्यम से स्वयं भी इस ट्रैक को साफ-सुथरा और सुरक्षित बनाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। साथ ही, पर्यटन विभाग के सहयोग से इस ट्रैक का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक यहां तक पहुंच सकें।

प्रमुख ट्रेकिंग रूट बनने की क्षमता

ग्रामीणों का मानना है कि यदि इस ट्रैक का योजनाबद्ध तरीके से विकास किया गया तो आने वाले समय में ऊखीमठ–पैंज–देवरियाताल ट्रैक उत्तराखंड के प्रमुख ट्रेकिंग रूट्स में अपनी अलग पहचान बना सकता है। इसे क्षेत्र के पर्यटन विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।

निरीक्षण दल में महावीर सिंह रावत, जसवीर रावत, नागेंद्र शैव, जीतपाल धर्म्वाण, लक्ष्य धर्म्वाण, अमन धर्म्वाण, आदित्य धर्म्वाण और मनवर सिंह धर्म्वाण शामिल रहे।

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