कमेड़ा-नंदप्रयाग में अधूरे काम, यात्रा सीजन में जाम और परेशानी के आसार
केएस असवाल
गौचर /चमोली : भगवान बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने में अब केवल 18 दिन शेष रह गए हैं, लेकिन ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। कमेड़ा और नंदप्रयाग जैसे संवेदनशील स्थानों पर सड़क और यातायात व्यवस्था दुरुस्त नहीं हो सकी है। ऐसे में यदि समय रहते व्यवस्थाएं नहीं सुधारी गईं तो चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।

भगवान बदरीनाथ के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाने हैं। यात्रा को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से तैयारियों के दावे जरूर किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यात्रा मार्ग के कई हिस्सों में अभी भी धंसाव, गड्ढे, संकरी सड़क और जलभराव जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।
कमेड़ा में कछुआ चाल से हो रहा कार्य
कमेड़ा पेट्रोल पंप के पास करीब एक किलोमीटर क्षेत्र में सड़क सुधारीकरण का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। यह वही हिस्सा है, जहां पिछले कई वर्षों से सड़क धंसाव की समस्या बनी हुई है। यहां सड़क इतनी संकरी हो चुकी है कि एक बार में केवल एक ओर से ही वाहन निकल पा रहे हैं। ऐसे में यात्रा सीजन के दौरान यहां जाम लगना लगभग तय माना जा रहा है।

एनएचआईडीसीएल की कार्यदायी संस्था द्वारा सड़क के आधे हिस्से को खोदकर मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। साथ ही नदी किनारे से धंसाव रोकने के लिए सुरक्षा कार्य भी किए जा रहे हैं। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस गति से काम चल रहा है, उससे यात्रा शुरू होने तक राहत मिलती नहीं दिख रही।
रेल टनल मोड़ के पास सड़क पर हिचकोले
कमेड़ा से कुछ दूरी पर रेल टनल की ओर जाने वाले मोड़ के पास भी सड़क की हालत बेहद खराब बनी हुई है। यहां सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं और नीचे से पुश्ता भी कमजोर हो चुका है। वाहन यहां हिचकोले खाकर गुजर रहे हैं। सड़क किनारे नालियां नहीं होने के कारण पानी सीधे सड़क पर भर रहा है, जिससे यह हिस्सा दलदलनुमा बन गया है। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को यहां सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हैरानी की बात यह भी है कि इतने संवेदनशील स्थल पर यातायात नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस व्यवस्था भी नजर नहीं आ रही है। इससे स्थिति और अधिक चिंताजनक बनी हुई है!
नंदप्रयाग और जखेड़ गधेरे में भी परेशानी
नंदप्रयाग क्षेत्र में भू-धंसाव की समस्या पहले से ही बनी हुई है। वहीं कमेड़ा के जखेड़ गधेरे में भी हालात सामान्य नहीं हैं। यहां सड़क चौड़ीकरण तो किया गया, लेकिन नालियों का निर्माण नहीं होने से बरसात के दौरान पानी सीधे सड़क पर बहता है। इससे आम लोगों और यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यात्रा से पहले इन स्थानों पर स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो यात्रा के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है।
दावों और हकीकत में अंतर
चारधाम यात्रा राज्य की आस्था और अर्थव्यवस्था से जुड़ी सबसे बड़ी यात्रा मानी जाती है। ऐसे में यात्रा शुरू होने से पहले मार्ग की यह स्थिति शासन-प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े कर रही है। अगर समय रहते सड़क और यातायात व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो हजारों श्रद्धालुओं को कड़वे अनुभव से गुजरना पड़ सकता है।
क्या बोले मुकेश नेगी
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी ने कहा कि बदरीनाथ यात्रा की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन सरकार के दावों के विपरीत यात्रा मार्ग की स्थिति अभी तक संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो यात्रा के दौरान यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

