चमोली : बारिश में भी नहीं थमी सिमली-ग्वालदम हाईवे पर रफ्तार

Team PahadRaftar

बारिश में भी नहीं थमी सिमली-ग्वालदम हाईवे पर रफ्तार

BRO की मुस्तैदी से मलबा हटते ही बहाल हो रहा यातायात, यात्रियों को मिल रही राहत

गिरीश चंदोला थराली। चमोली जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच जहां कई संपर्क मार्ग बार-बार बंद हो रहे हैं, वहीं सिमली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीमा सड़क संगठन (BRO) की सक्रियता राहत का कारण बनी हुई है। भूस्खलन संभावित स्थलों पर पहले से जेसीबी और पोकलेन मशीनें तैनात होने से मलबा गिरने के कुछ ही समय बाद सड़क को फिर से यातायात के लिए खोल दिया जा रहा है।

मंगलवार को मोड़ा-छीड़ा के पास भारी बारिश के चलते पहाड़ी से मलबा और बड़े पत्थर सड़क पर आ गिरे। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही रुक गई। सूचना मिलते ही BRO की टीम मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और तेजी से मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया।

उधर, नारायणबगड़ बाजार में भी जलभराव और मलबा आने से हाईवे पर आवागमन प्रभावित हुआ। BRO की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सड़क से मलबा हटाया और कुछ ही देर में मार्ग को वाहनों के लिए सुचारु कर दिया। इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को लंबे समय तक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

BRO के सहायक अभियंता जस्सू सिंह ने बताया कि मानसून शुरू होने से पहले ही हाईवे के सभी संवेदनशील और भूस्खलन संभावित स्थलों की पहचान कर वहां जेसीबी और पोकलेन मशीनें तैनात कर दी गई थीं। जैसे ही कहीं सड़क बंद होने की सूचना मिलती है, मशीनें तुरंत मौके पर पहुंचकर मार्ग खोलने का काम शुरू कर देती हैं। विभाग का लक्ष्य कम से कम समय में यातायात बहाल कर लोगों को राहत पहुंचाना है।

लगातार बारिश के बावजूद BRO की इस रणनीति का असर साफ दिखाई दे रहा है। अन्य कई मार्गों के मुकाबले सिमली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात अपेक्षाकृत सामान्य बना हुआ है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि समय पर मलबा हटाए जाने से लंबे जाम की स्थिति नहीं बन रही है और जरूरी सेवाओं की आवाजाही भी निर्बाध जारी है।

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