
ज्योतिर्मठ में दर्शन दिवस पर श्रीमाँ का स्मरण
संजय कुंवर
ज्योतिर्मठ। दर्शन दिवस के अवसर पर श्रीअरविन्द अध्ययन केंद्र ज्योतिर्मठ में श्रीअरविन्द आश्रम पांडिचेरी की अधिष्ठात्री भगवती श्रीमाँ का भावपूर्ण स्मरण किया गया। कार्यक्रम में साधकों ने उनके जीवन, संदेश और योग साधना पर विचार साझा किए।

श्री बद्रीनाथ वेद वेदांग संस्कृत महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि के साथ हुई। इसके बाद सामूहिक ध्यान किया गया।
केंद्र के वरिष्ठ सदस्य प्रकाश पंवार ने विषय की भूमिका रखी। युवा समन्वयक डॉ. राजेंद्र सिंह राणा ने वर्ष में आने वाले चार प्रमुख दर्शन दिवस—21 फरवरी, 24 अप्रैल, 15 अगस्त और 24 नवंबर—के महत्व पर प्रकाश डाला।
प्राचार्य द्रवेश्वर थपलियाल ने कहा कि नए भारत के निर्माण में श्रीअरविन्द और श्रीमाँ के विचार महत्वपूर्ण हैं। संयुक्त सचिव विनीता भट्ट सिलौड़ी ने नए सदस्यों का स्वागत किया।
आचार्य तुलसीराम देवशाली ने गुरु के महत्व पर विचार रखे, जबकि डॉ. चरण सिंह केदारखंडी ने आध्यात्मिकता को जीवन जीने की कला बताया। उर्मिला बहुगुणा ने अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम का संचालन प्रकाश पंवार ने किया।

