चमोली : चारधाम यात्रा सिर पर, लेकिन बदरीनाथ हाईवे अब भी बेहाल! डीएम ने अफसरों और एजेंसियों को लगाई फटकार

Team PahadRaftar

कागजों में प्रगति, जमीन पर सुस्ती

एसपी ने भी जताई चिंता, बोले—यात्रा से पहले सड़कें ठीक होना जरूरी

संजय कुंवर 

चमोली : चारधाम यात्रा की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है, लेकिन बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग समेत यात्रा मार्गों की बदहाल हालत अब भी प्रशासन के लिए बड़ी चिंता बनी हुई है। यात्रा से पहले सड़कें दुरुस्त करने के दावों के बीच जमीनी हकीकत सुस्त और चिंताजनक मिलने पर जिलाधिकारी गौरव कुमार ने गुरुवार को सख्त रुख अपनाया और संबंधित अधिकारियों व कार्यदायी संस्थाओं को खरी-खरी सुना दी

गुरुवार को आयोजित चारधाम यात्रा मार्ग समीक्षा बैठक में डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले हर हाल में सड़कें दुरुस्त होनी चाहिए, वरना यात्रा के दौरान अव्यवस्था और जाम की भारी समस्या खड़ी हो सकती है।

कागजों में प्रगति, जमीन पर सुस्ती

बैठक में सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात पर दिखी कि यात्रा मार्ग के क्षतिग्रस्त हिस्सों के सुधारीकरण की वास्तविक प्रगति रिपोर्ट तक सही तरीके से नहीं भेजी जा रही थी। इस पर डीएम ने संबंधित उपजिलाधिकारियों को भी कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि अब केवल फाइलों में नहीं, मैदान में काम दिखना चाहिए

एजेंसियों को सख्त आदेश- मशीनें और मजदूर बढ़ाओ

डीएम ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को साफ निर्देश दिए कि धीमी रफ्तार अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जहां काम अटका है, वहां अधिक मैनपावर और मशीनरी तुरंत लगाई जाए

इन हिस्सों में विशेष रूप से काम तेज करने के निर्देश दिए गए

  • कामेडा से हेलंग तक – एनएचआईडीसीएल
  • हेलंग से श्री बदरीनाथ धाम तक – बीआरओ
  • चोपता-मंडल मोटर मार्ग – एनएच रुद्रप्रयाग

डीएम ने कहा कि यात्रा शुरू होने से पहले

  • सड़क ट्रीटमेंट,
  • ब्लैकटॉप,
  • प्रोटेक्शन वर्क,
  • स्लोप स्टेब्लाइजेशन

जैसे सभी जरूरी कार्य हर हाल में पूरे होने चाहिए

अब मांगी गई ‘असल’ रिपोर्ट

जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश को निर्देश दिए कि वे यात्रा मार्गों के क्षतिग्रस्त हिस्सों की वास्तविक प्रगति रिपोर्ट तैयार करें और यह भी स्पष्ट करें कि कितनी मशीनें और कितने मजदूर मौके पर काम कर रहे हैं

यानी अब प्रशासन सिर्फ “काम चल रहा है” वाली रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होगा, बल्कि जमीन पर असली प्रगति की मॉनिटरिंग करेगा।

एसपी ने भी जताई चिंता, बोले—यात्रा से पहले सड़कें ठीक होना जरूरी

बैठक में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार भी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। उन्होंने साफ कहा कि सड़कों की खराब हालत से जाम की समस्या और बढ़ सकती है, जिससे यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि अगर समय रहते सड़कें ठीक नहीं हुईं तो यात्रा सीजन में ट्रैफिक प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है।

प्रशासन अलर्ट, अब सड़कें बनेंगी या फिर वही ढर्रा?

चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था, अर्थव्यवस्था और प्रशासनिक प्रतिष्ठा—तीनों से जुड़ा बड़ा विषय है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या एजेंसियां तय समय में सड़कें दुरुस्त कर पाएंगी, या फिर यात्रा शुरू होने के बाद भी श्रद्धालु टूटे मार्ग, धूल, जाम और खतरे के बीच सफर करने को मजबूर होंगे?

फिलहाल, डीएम की सख्ती ने साफ संकेत दे दिया है कि इस बार लापरवाही पर पर्दा डालना आसान नहीं होगा

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