
उपेक्षा या नए ठिकाने की तलाश? बयान के कई सियासी मायने
चमोली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की एक फेसबुक पोस्ट ने जिले की सियासत में भूचाल ला दिया है। “मैं मिस्त्री हूं, विश्वकर्मा की भूमिका में हूं… पता नहीं किस देवता का घर बनाना बाकी है” जैसे शब्दों ने पार्टी के भीतर असंतोष की अटकलों को हवा दे दी है।
राजनीतिक गलियारों में इस पोस्ट को सीधा-सीधा संगठन में उपेक्षा से जोड़कर देखा जा रहा है, तो वहीं कुछ इसे आने वाले समय में बड़े फैसले का संकेत मान रहे हैं।
जमीनी पकड़ रखने वाले फर्स्वाण की सक्रियता और जनाधार को देखते हुए उनकी यह टिप्पणी कांग्रेस के लिए चेतावनी मानी जा रही है। फिलहाल उन्होंने अपने बयान पर खुलकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन सियासी हलचल तेज हो गई है।

