
लामगौंडी में छात्राओं को स्वास्थ्य, सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव की जानकारी
लक्ष्मण नेगी, ऊखीमठ : राजकीय इंटर कॉलेज लामगौंडी में प्रोजेक्ट स्नेह के तहत छात्राओं के विकास, सशक्तीकरण, स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें छात्राओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यक्तिगत सुरक्षा, कानूनी अधिकार और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने छात्राओं से संवाद करते हुए किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक एवं मानसिक बदलाव, मासिक धर्म स्वच्छता, एनीमिया, संतुलित आहार और मानसिक तनाव के संबंध में जानकारी साझा की। छात्राओं को अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार लक्ष्य निर्धारित कर शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
महिला उपनिरीक्षक कोतवाली ऊखीमठ पूजा रावत ने छात्राओं को व्यक्तिगत सुरक्षा, बाल अधिकार और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने संकट की स्थिति में विश्वसनीय वयस्क और पुलिस को सूचना देने के महत्व के बारे में बताया।
कार्यशाला में बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए छात्राओं को बाल विवाह से दूर रहने तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया।
डिजिटल दौर को देखते हुए छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया गया। सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, फर्जी प्रोफाइल, ऑनलाइन धोखाधड़ी और ब्लैकमेल जैसी घटनाओं से बचाव के उपाय बताए गए। छात्राओं को डिजिटल माध्यमों का सकारात्मक उपयोग कर शिक्षा और प्रतिभा विकास के लिए आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
इस दौरान जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. दीपा तिलारा बिष्ट, महिला उपनिरीक्षक पूजा रावत, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गुप्तकाशी की डॉ. श्रेया थपलियाल, जिला प्रोबेशन संरक्षण अधिकारी रोशनी रावत और जिला पंचायत रुद्रप्रयाग की कार्याधिकारी प्राची रावत मौजूद रहीं।
कार्यशाला में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और विभिन्न विषयों को लेकर विशेषज्ञों से सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षित, स्वस्थ, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाकर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सक्षम बनाना रहा।
