ऊखीमठ : मदमहेश्वर धाम के हक-हकूक की बहाली और माणा सरस्वती मंदिर के संरक्षण की मांग

Team PahadRaftar

मांगें पूरी न होने पर भैरव सेना ने दी चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

लक्ष्मण नेगी

ऊखीमठ। द्वितीय केदार श्री मदमहेश्वर धाम के हक-हकूकधारियों के पारंपरिक अधिकारों की बहाली और चमोली जिले के माणा स्थित मां सरस्वती मंदिर के संरक्षण की मांग को लेकर भैरव सेना संगठन (देवभूमि भैरव वाहिनी) ने प्रशासन के माध्यम से शासन को ज्ञापन भेजा। संगठन के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उपजिलाधिकारी ऊखीमठ के माध्यम से जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग और राज्य सरकार को दो सूत्रीय ज्ञापन प्रेषित किया।

ज्ञापन में कहा गया कि ग्राम गौंडार के पंच कारबारियान—पवार, भंडारी और गौंडारी—सदियों से श्री मदमहेश्वर धाम की पूजा व्यवस्था, कपाट खोलने-बंद करने, भोग पकाने, चंदन घिसाई और देवरा यात्रा संचालन समेत विभिन्न परंपरागत व्यवस्थाओं में अपनी भूमिका निभाते आ रहे हैं। संगठन का आरोप है कि वर्ष 2016 की बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की समीक्षा बैठक और पत्रांक 484 (2023) में लिए गए निर्णयों के बावजूद स्थानीय कारबारियों के पारंपरिक अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।

संगठन ने ऐतिहासिक धर्मशाला को एकतरफा संपत्ति घोषित किए जाने के प्रयास पर भी आपत्ति जताई। मांग की गई कि मदमहेश्वर धाम से जुड़े कारबारियों के पौराणिक एवं परंपरागत हक-हकूक सुरक्षित किए जाएं और प्रस्तावित नियमावली-2026 को प्रशासनिक मान्यता दी जाए।

माणा सरस्वती मंदिर के संरक्षण की मांग

ज्ञापन में दूसरा मुद्दा भारत के प्रथम गांव माणा स्थित मां सरस्वती उद्गम स्थल और मंदिर परिसर के संरक्षण से जुड़ा रहा। संगठन ने मंदिर परिसर में गैर-सनातन मानव-मूर्तियों की स्थापना का विरोध करते हुए मंदिर को बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के वैधानिक नियंत्रण में लेने की मांग की।

भैरव सेना के संस्थापक अध्यक्ष संदीप खत्री ने कहा कि दोनों मामले धार्मिक परंपराओं, स्थानीय हक-हकूकधारियों और मंदिर व्यवस्थाओं से सीधे जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि शासन-प्रशासन और मंदिर समिति ने समय रहते मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो संगठन स्थानीय हक-हकूकधारियों और समर्थकों के साथ चरणबद्ध जनआंदोलन शुरू करेगा।

इस दौरान कार्यक्रम संयोजक एवं भैरव सेना जिलाध्यक्ष रुद्रप्रयाग प्रदीप नगवाल, जिलाध्यक्ष देहरादून अनिल कुमार, मयंक मलेठा, संजय पंवार, गणेश जोशी, चंदन शर्मा, मनीष कुमार, बलवंत रावत, ओमप्रकाश केदारखंडी, श्री मदमहेश्वर धाम के अध्यक्ष शिवानंद पंवार समेत गौंडार गांव और मदमहेश्वर धाम के हक-हकूकधारी व ग्रामीण मौजूद रहे।

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