
चारधाम यात्रा के साथ शिव-पार्वती विवाह स्थल बना श्रद्धालुओं की पहली पसंद, धार्मिक पर्यटन को मिली नई रफ्तार
लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ। चारधाम यात्रा के दौरान भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह स्थल त्रियुगीनारायण धाम में इस वर्ष आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ रहा है। 22 अप्रैल से अब तक यहां 2 लाख 32 हजार 738 श्रद्धालु दर्शन, पूजा-अर्चना और जलाभिषेक कर चुके हैं। तीर्थयात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या से जहां धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई मिल रही है, वहीं स्थानीय कारोबार भी रफ्तार पकड़ रहा है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार त्रियुगीनारायण वही पवित्र स्थल है, जहां भगवान विष्णु की साक्षी और ब्रह्मा के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न हुआ था। विवाह की पावन अग्नि आज भी मंदिर परिसर में अखंड धूनी के रूप में प्रज्ज्वलित है। इसी आस्था के कारण देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, नवविवाहित दंपती और विवाह की मनोकामना लेकर आने वाले युवक-युवतियां यहां पहुंच रहे हैं।
केदारनाथ धाम जाने वाले अधिकांश श्रद्धालु भी त्रियुगीनारायण धाम में दर्शन को अपनी यात्रा का अहम हिस्सा बना रहे हैं। मंदिर परिसर स्थित ब्रह्मकुंड, रुद्रकुंड, विष्णुकुंड और सरस्वतीकुंड में श्रद्धालु स्नान कर सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन की मंगलकामना कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिल रहा है। होटल, होमस्टे, भोजनालय, टैक्सी संचालक, प्रसाद विक्रेता और हस्तशिल्प व्यवसायियों के कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक पर्यटन के विस्तार से क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।
मंदिर समिति के प्रबंधक बलवीर सिंह नेगी ने बताया कि 22 अप्रैल से अब तक 1,11,530 पुरुष, 1,01,477 महिलाएं और 19,731 नौनिहाल सहित कुल 2,32,738 श्रद्धालु धाम में पूजा-अर्चना कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा सीजन के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं।
व्यापार संघ अध्यक्ष महेन्द्र प्रसाद सेमवाल ने राज्य सरकार से मांग की है कि तीर्थयात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए धाम में पार्किंग, पैदल मार्ग, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, आवास और अन्य आधारभूत सुविधाओं का शीघ्र विस्तार किया जाए। उनका कहना है कि बेहतर सुविधाओं से त्रियुगीनारायण धाम अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में और अधिक विकसित होगा।
एक नजर में
- 22 अप्रैल से अब तक कुल श्रद्धालु : 2,32,738
- पुरुष : 1,11,530
- महिलाएं : 1,01,477
- नौनिहाल : 19,731
- प्रमुख आकर्षण : अखंड धूनी, शिव-पार्वती विवाह स्थल, ब्रह्मकुंड, रुद्रकुंड, विष्णुकुंड और सरस्वतीकुंड

