पौड़ी : स्कंदमाता के रूप में सजी भुवनेश्वरी सिद्ध पीठ, भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम

Team PahadRaftar

पंचम नवरात्रि : स्कंदमाता के दर्शनों को उमड़ी भीड़, माहौल हुआ भक्तिमय

स्कंदमाता के रूप में सजी भुवनेश्वरी सिद्ध पीठ, भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम

जसपाल नेगी 

पौड़ी। चैत्रीय नवरात्रि के पावन अवसर पर भुवनेश्वरी सिद्ध पीठ में पंचम दिवस पर मां भगवती की आराधना स्कंदमाता के रूप में अत्यंत श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और भक्तों ने मां के दिव्य दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला भी निरंतर जारी है। पूर्व दिवसों की भांति इस दिन भी विभिन्न क्षेत्रों से आई कीर्तन मंडलियों—पोखरी, जय नागराज प्रेमनगर एवं बैंज्वाड़ी की टीमों ने अपने मधुर भजनों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे।

इस अवसर पर आयोजित प्रवचन प्रतियोगिता भी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राएं विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त कर श्रद्धालुओं को ज्ञानवर्धक संदेश दे रहे हैं, जिससे आयोजन में आध्यात्मिकता के साथ बौद्धिक ऊर्जा का भी समावेश देखने को मिल रहा है।

पारंपरिक मध्यान्ह पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा और आस्था के साथ मां की पांच परिक्रमा की। इस दौरान ढोल – दमाऊं जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण देवमय हो उठा। ढोल वादकों की थाप ने श्रद्धालुओं के मन में भक्ति का संचार कर मां का भावपूर्ण आवाहन किया।

पंचम दिवस के शुभ अवसर पर ‘पंच तत्व’ के संस्थापक एवं प्रसिद्ध वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ डॉ. मनोज जुयाल अपनी टीम के साथ दिल्ली से मंदिर पहुंचे। मंदिर समिति के अध्यक्ष दिगंबर जुयाल, सतीश जुयाल, नवीन जुयाल, अनसूया प्रसाद एवं वीरेंद्र नैथानी सहित अन्य सदस्यों ने उनका भव्य स्वागत और सम्मान किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. नवीन ममगाईं द्वारा किया गया। नवरात्रि के इस पावन पर्व पर भुवनेश्वरी सिद्ध पीठ में भक्ति, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य अनुभव बन गया है।

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