
जिला पंचायत के नोटिस पर भड़के होमस्टे संचालक, बोले- सुविधाएं नहीं तो टैक्स क्यों
संजय कुंवर चमोली। जिला पंचायत चमोली द्वारा बिना व्यवसायिक लाइसेंस व्यापार करने वालों के खिलाफ सख्ती शुरू किए जाने के बाद उर्गम घाटी के होमस्टे संचालकों में नाराजगी बढ़ने लगी है। उन्होंने कहा कि व्यापारी राजस्व कर का विरोध नहीं कर रहे, लेकिन सुविधाएं दिए बिना केवल टैक्स वसूली करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि हर साल लाइसेंस नवीनीकरण शुल्क लिया जाता है, जबकि इसे पांच वर्ष के लिए किया जाना चाहिए। साथ ही होमस्टे के आसपास सोलर लाइट, कूड़ादान, शौचालय और पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए थीं, लेकिन उर्गम घाटी में जिला पंचायत की ओर से अब तक कोई सुविधा नहीं दी गई।
होम स्टे संचालकों ने कहा व्यवस्थाएं न होने से पर्यटक घाटी में रुक ही नहीं रहे हैं। हेलंग से वाहन सीधे उर्गमघाटी तक बुक होकर पहुंच रहे हैं और दर्शन के बाद वापस लौट जा रहे हैं। इससे स्थानीय होमस्टे व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पंजीकरण संचालित होमस्टे के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में पंजीकृत होमस्टे संचालकों पर ही आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उनका कहना है कि कई लोगों ने ऋण लेकर होमस्टे बनाए, लेकिन पर्यटक नहीं रुकने से व्यवसाय घाटे में चल रहा है।
होम स्टे संचालक रघुबीर सिंह नेगी ने कहा कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो उन्हें अपना होमस्टे पंजीकरण रद्द कराने पर मजबूर होना पड़ेगा। साथ ही प्रशासन से पर्यटन सुविधाओं के विकास और होमस्टे संचालकों की समस्याओं के समाधान की मांग की है।

