हरेला पर अलकनंदा तट पर हुआ वृहद पौधरोपण, संरक्षण का लिया संकल्प
केएस असवाल गौचर। हरेला पर्व के तहत रविवार को भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ, उत्तराखंड की चमोली इकाई ने विभिन्न विभागों के सहयोग से ग्राम बन्दरखण्ड स्थित अलकनंदा नदी तट के शिवालय मंदिर परिसर में वृहद वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान विभिन्न प्रजातियों के 100 से अधिक छायादार एवं फलदार पौधे रोपकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत शिव मंदिर में पूजा-अर्चना से हुई। वृक्षारोपण अभियान में बन्दरखण्ड महिला संगठन, युवक मंडल, भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), वन विभाग, उद्यान विभाग, नगर पालिका गौचर तथा स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। महिलाओं ने पारंपरिक हरेला गीत गाकर पर्व को उत्साहपूर्वक मनाया।
इस अवसर पर भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला अध्यक्ष दिगपाल गुंसाई ने सभी प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाते हुए कहा कि पौधे लगाना जितना आवश्यक है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण उनका संरक्षण करना है। उन्होंने आईटीबीपी की 8वीं वाहिनी, वन विभाग, उद्यान विभाग तथा नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रवीर गायत्री के नेतृत्व में संगठन भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण और जनहित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईटीबीपी की 8वीं वाहिनी के सेनानी मनोहर सिंह रावत के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित उप सेनानी विनोद कुमार ने कहा कि वृक्षारोपण का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखकर पेड़ बनाना भी होना चाहिए। ग्राम बन्दरखण्ड समिति के अध्यक्ष जगदीश कनवासी ने पत्रकार संघ के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि रोपे गए पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी ग्रामवासी निभाएंगे।
इस अवसर पर दर्शन लाल, वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी, बीट अधिकारी सम्पत सिंह रावत, राजकिशोर थपलियाल, उद्यान विभाग के नरेंद्र बिष्ट, विधिक सेवा प्राधिकरण के देवेन्द्र कुमार, सभासद विनोद कनवासी सहित महिला मंगल दल, पत्रकार संघ महामंत्री खुशाल सिंह असवाल, प्रदीप लखेड़ा,अरूण मिश्रा, देवेन्द्र गुसाईं,भानू प्रकाश नेगी, के साथ ही लोक कल्याण समिति के अध्यक्ष सुनील पंवार, लक्ष्मण पटवाल, महिला संगठन की अध्यक्ष सतेश्वरी कनवासी, विनीता भंडारी,सरिता भंडारी, जौसी भंडारी,दीपा भंडारी, शकुंतला भंडारी, पूनम कनवासी, पुनीता कनवासी, प्रभा कनवासी,आशा कनवासी, सतेश्वरी,कनवासी,संतोषी ,अरूणा, गुड्डी, निधि, बिमला, गुड्डी, रामेश्वरी, राजेश्वरी,उर्मिला,शशि, सोबती,जमनोत्री,शुशीला,आशा,बीना, सरिता, माधुरी मनोरमा,कंचन,जशुंधरा, उर्मिला,किसमति, जशोदा, सावित्री,सुसमा, विजया,नीलम सुनीता, अंजलि, उर्मिला,रामभरत,मिलन, मयंक, गौरव,अवशेक, राजे सिंह, दिलबर,मदन कनवासी आदि बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
रोपित पौधों के संरक्षण का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि हरेला पर्व केवल पौधरोपण का उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य सुनिश्चित करने का भी संदेश देता है।
