चारधाम यात्रा की दहलीज पर प्रशासनिक चुनौती
गोपेश्वर। चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति में प्रशासनिक अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है। समिति में मुख्य कार्याधिकारी समेत कई महत्वपूर्ण पद रिक्त होने के कारण यात्रा से जुड़ी तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका है। जबकि 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने हैं।

जानकारी के अनुसार समिति के तत्कालीन मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल को 17 मार्च को उनके मूल विभाग मंडी समिति वापस भेज दिया गया था। इसके बाद से अब तक इस पद पर नई नियुक्ति नहीं हो सकी है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति के समय यह स्थिति समिति के कामकाज के लिए चुनौती मानी जा रही है।
बताया जा रहा है कि मुख्य कार्याधिकारी के अलावा कार्याधिकारी, विशेष कार्याधिकारी और उप मुख्य कार्याधिकारी जैसे पद भी लंबे समय से रिक्त हैं। अधिकारियों की कमी के कारण प्रशासनिक और वित्तीय निर्णय प्रभावित हो रहे हैं। कर्मचारियों के वेतन, यात्रा व्यवस्थाओं से जुड़े टेंडर और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं पर भी इसका असर पड़ सकता है।
चारधाम यात्रा प्रदेश की आस्था और अर्थव्यवस्था दोनों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में यात्रा शुरू होने से पहले मंदिर समिति में शीर्ष स्तर पर अधिकारियों की कमी को गंभीर माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार शासन स्तर पर नए अधिकारी की तैनाती को लेकर विचार किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।
यात्रा की तिथि नजदीक आने के साथ अब यह देखना होगा कि शासन रिक्त पदों पर तैनाती कब तक करता है और यात्रा तैयारियों को कितनी जल्दी गति मिल पाती है।
