
नौ ग्राम सभाओं को जोड़ने वाली सड़क पर कीचड़ और गड्ढों से आवागमन प्रभावित, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
चमोली। बिरही-निजमुला मोटर मार्ग का निर्माण कार्य तीन वर्ष बाद भी पूरा नहीं हो सका है। बरसात के मौसम में अधूरी सड़क स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। काली चट्टान से बिरही तक कई स्थानों पर सड़क पर कीचड़ और जलभराव होने से दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि कार्यदायी संस्था ब्रिडकुल की ओर से निर्माण कार्य में अपेक्षित गति नहीं दिखाई गई, जिसके चलते सड़क अब तक अधूरी है। लगातार बारिश के कारण मार्ग की स्थिति और खराब हो गई है। कई स्थानों पर सड़क उखड़ गई है, जबकि गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यह मोटर मार्ग क्षेत्र की नौ ग्राम सभाओं को जोड़ता है और स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण आए दिन छोटे-मोटे हादसे हो रहे हैं, लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
ब्यारा के पूर्व प्रधान बृजलाल ने बताया कि सड़क की स्थिति को लेकर कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को अवगत कराया गया है। इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि मार्ग की बदहाली लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन गई है।
शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर
ग्रामीणों के अनुसार सड़क की खराब स्थिति का असर दैनिक आवागमन के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सेवाओं पर भी पड़ रहा है। बरसात के दौरान स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
जल्द निर्माण पूरा करने की मांग
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से सड़क निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बरसात के मौसम को देखते हुए मार्ग को सुरक्षित और सुचारु बनाना जरूरी है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

