
संस्कृति संसद-2026 और अंतरराष्ट्रीय जैन जी कॉन्क्लेव में कर रहे प्रतिभाग, धार्मिक-सांस्कृतिक योगदान के लिए मिलेगा सम्मान
संजय कुंवर ज्योतिर्मठ। श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उपाध्यक्ष पंडित ऋषि प्रसाद सती को धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में योगदान के लिए बुधवार को वाराणसी में सम्मानित किया जाएगा। संस्कृति संसद-2026 एवं अंतरराष्ट्रीय जैन जी कॉन्क्लेव में देशभर के संत-महात्माओं और धर्माचार्यों की मौजूदगी में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।
वाराणसी के रुद्राक्ष अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र में गंगा महासभा के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में ऋषि प्रसाद सती भी प्रतिभाग कर रहे हैं। दो नवंबर से शुरू हुए इस आयोजन में सनातन संस्कृति के संरक्षण, राष्ट्र निर्माण और युवा चिंतन जैसे विषयों पर देशभर से पहुंचे संतों, विद्वानों और धर्माचार्यों के बीच मंथन हो रहा है।
आयोजन को अखिल भारतीय संत समिति, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और श्री काशी विद्वत परिषद का मार्गदर्शन प्राप्त है। कार्यक्रम पांच नवंबर तक चलेगा।
बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा हमारी अमूल्य धरोहर हैं। इनके संरक्षण और भावी पीढ़ी तक इनके संदेश को पहुंचाना सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा मिलता है।
वाराणसी में उन्हें सम्मानित किए जाने की सूचना पर चमोली के धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने प्रसन्नता जताते हुए शुभकामनाएं दी हैं।
