
सीएचसी के उच्चीकरण और डॉक्टरों की तैनाती की मांग, अनिश्चितकालीन धरने के साथ क्रमिक अनशन का ऐलान
गिरीश चंदोला थराली। सीमांत क्षेत्र थराली में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर युवाओं और जनप्रतिनिधियों का आक्रोश बढ़ने लगा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी तथा बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के अभाव से नाराज युवाओं ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। मंगलवार को उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर स्वास्थ्य सुविधाओं में तत्काल सुधार की मांग उठाई गई।
ज्ञापन में कहा गया कि थराली और आसपास का पर्वतीय क्षेत्र आपदाग्रस्त एवं संवेदनशील है। ऐसे में क्षेत्र की बड़ी आबादी आपातकालीन परिस्थितियों में सीएचसी थराली पर निर्भर रहती है। इसके बावजूद अस्पताल लंबे समय से चिकित्सकों और आवश्यक मेडिकल स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं होने के कारण मरीजों को सामान्य उपचार के लिए भी दूसरे अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ती है। इससे मरीजों को समय और धन की परेशानी के साथ ही गंभीर परिस्थितियों में जान का जोखिम भी उठाना पड़ता है।
युवाओं ने सीएचसी थराली का उच्चीकरण करने, पर्याप्त चिकित्सकों और मेडिकल स्टाफ की तैनाती, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति तथा आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने शासन-प्रशासन से इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की।
10 नवंबर से शुरू होगा अनिश्चितकालीन आंदोलन
युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो 10 नवंबर 2026 से सीएचसी थराली परिसर में अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना और क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान किसी मरीज को स्वास्थ्य संबंधी असुविधा होने अथवा कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन पर युवामोर्चा मंडल अध्यक्ष थराली संजय जोशी, पवन रावत, हरेन्द्र बिष्ट, दिवाकर नेगी, कैलाश जोशी, योगेश देवराड़ी, अधिवक्ता जयराम और राजेश चौहान सहित ग्राम पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत के प्रतिनिधियों ने भी समर्थन जताया।

