
महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की आराधना कर श्रद्धालु मांग रहे मनौतियां
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ। शारदीय नवरात्र पर सिद्धपीठ कालीमठ में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। मां भगवती के दर्शन-पूजन के लिए सुबह से ही भक्तों का पहुंचना जारी है। नवरात्र के अवसर पर मंदिर परिसर को 10 कुंतल फूलों से सजाया गया है। पुष्पों से सजे मां के दरबार की भव्यता श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है।

नवरात्र में श्रद्धालु मां भगवती के महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में धूप-दीप, मंत्रोच्चार और देवी स्तुति से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। मंदिर समिति की ओर से मुख्य मंदिर सहित सहायक मंदिरों की साज-सज्जा और धार्मिक अनुष्ठानों की व्यवस्थाएं की गई हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सिद्धपीठ कालीमठ भगवती आराधना के प्रमुख केंद्रों में शामिल है। नवरात्र के दौरान यहां मां की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंच रहे श्रद्धालु मां के चरणों में शीश नवाकर मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मांग रहे हैं।
वेदपाठी रमेश चंद्र भट्ट ने बताया कि नवरात्र शक्ति की उपासना का पर्व है। इन नौ दिनों में मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों की आराधना कर श्रद्धालु आत्मिक शांति और लोकमंगल की कामना करते हैं। वहीं, पंडित दिनेश चंद्र गौड़ ने कहा कि श्रद्धा, संयम और सद्कर्म के साथ की गई देवी उपासना मनुष्य को आत्मबल प्रदान करती है।

