
केदार सभा अध्यक्ष समेत पूर्व जिला पंचायत पदाधिकारियों ने दिया आंदोलन को समर्थन, 15 दिन में शासनादेश जारी करने की मांग
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ऊखीमठ के उच्चीकरण की मांग को लेकर तहसील परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को नौवें दिन भी जारी रहा। आंदोलन को केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन्त तिवारी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजाराम सेमवाल ने समर्थन दिया। आंदोलनकारियों ने कहा कि सरकार को पूर्व में दिए गए आश्वासन के अनुसार 15 दिन के भीतर उच्चीकरण का शासनादेश जारी करना चाहिए।
धरना स्थल पर केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने कहा कि ऊखीमठ धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र होने के साथ ही दूरस्थ गांवों का प्रमुख केंद्र है। यहां स्थानीय लोगों के साथ बड़ी संख्या में तीर्थयात्री और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि पीएचसी का उच्चीकरण किसी एक क्षेत्र की नहीं, बल्कि व्यापक जनहित की मांग है।

पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन्त तिवारी ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। गंभीर स्थिति में मरीजों को जिला मुख्यालय अथवा बड़े अस्पतालों के लिए रेफर करना पड़ता है। उन्होंने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि मांग पूरी होने तक क्षेत्र की जनता के साथ खड़े रहेंगे।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजाराम सेमवाल ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा के लिए लोगों को आंदोलन करना पड़ रहा है, यह चिंता का विषय है। ऊखीमठ तहसील के दूरस्थ गांवों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार और आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है।
व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट ने कहा कि ऊखीमठ में वर्षभर स्थानीय लोगों के साथ तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की आवाजाही रहती है। केदारनाथ, मद्महेश्वर और तुंगनाथ सहित पंचकेदार यात्रा से जुड़े क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव होने के बावजूद पीएचसी सीमित संसाधनों में संचालित हो रहा है।
शासनादेश तक जारी रहेगा आंदोलन
आंदोलनकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य सचिव की ओर से पूर्व में 15 दिन में शासनादेश जारी करने का आश्वासन दिया गया था। जब तक पीएचसी ऊखीमठ के उच्चीकरण का शासनादेश जारी नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने उच्चीकरण के साथ पर्याप्त चिकित्सक, विशेषज्ञ सेवाएं, जांच सुविधाएं, आवश्यक उपकरण और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शासन स्तर पर शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप देने पर विचार किया जाएगा।
धरने में पूर्व कनिष्ठ प्रमुख शैलेंद्र कोटवाल, अषाढ़ सिंह धिरवाण, सभासद बलवीर पंवार, महावीर सिंह रावत, कर्मवीर बर्त्वाल, मदन धर्म्वाण, पूर्व प्रधान जगदीश लाल, बलवंत रावत, मदन सिंह पंवार, महेंद्र सिंह रावत, अनुसूया प्रसाद टमटा, दिनेश जमलोकी, तेज प्रकाश त्रिवेदी, सभासद प्रदीप धर्म्वाण, राजपाल सिंह पंवार, प्रताप सिंह धर्म्वाण, शिव शरण पंवार और जयंत नैथानी सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, व्यापारी और आंदोलनकारी मौजूद रहे।

