
जनसमस्याओं को लेकर बसुकेदार में तीसरे दिन भी धरना, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
लक्ष्मण नेगी ऊखीमठ। बसुकेदार तहसील क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर चल रहा क्रमिक धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने शासन-प्रशासन पर समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि अब महज आश्वासन से काम नहीं चलेगा। मांगों पर धरातल पर ठोस और समयबद्ध कार्रवाई करनी होगी।
आंदोलनकारियों ने बसुकेदार तहसील के स्थायी भवन का निर्माण, अधिकारियों के लिए आवासीय व्यवस्था, बडेथ-ताल-जमणा-घंगासू बांगर क्षेत्र के आपदा प्रभावितों को राहत देने और हाट-बस्ती मोटर पुल के निर्माण में हो रही देरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासी लंबे समय से इन समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। पूर्व में शासन-प्रशासन की ओर से आश्वासन दिए जाने के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। इससे क्षेत्र की जनता में आक्रोश बढ़ रहा है।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों का निस्तारण नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि बसुकेदार तहसील क्षेत्र की जनता की मूलभूत सुविधाओं और अधिकारों के लिए है।
क्रमिक धरने में डॉ. आशुतोष भंडारी, मनोज वैष्णव, जगमोहन झिंकवान, जगमोहन भंडारी, अनुज, राकेश, हरीश लाल, अंजू देवी और प्रेम बिष्ट समेत क्षेत्रीय लोग शामिल रहे।

