
संजय कुंवर, ज्योतिर्मठ। यूनेस्को विश्व धरोहर फूलों की घाटी इन दिनों देशी-विदेशी पर्यटकों से गुलजार है। अगस्त के पीक सीजन में घाटी में खिले रंग-बिरंगे अल्पाइन पुष्प और मनमोहक प्राकृतिक नजारे पर्यटकों को खूब आकर्षित कर रहे हैं। इस सीजन में अब तक करीब 22 हजार पर्यटक फूलों की घाटी का दीदार कर चुके हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में करीब डेढ़ गुना अधिक बताई जा रही है।
फूलों की घाटी में इन दिनों यूरोपीय देशों के साथ जापान, थाईलैंड और कोरिया सहित एशियाई देशों से भी प्रकृति प्रेमी पहुंच रहे हैं। घाटी में रिवर व्यू प्वाइंट तक गुलाबी हिमालयी बालसम के फूलों की बड़ी-बड़ी क्यारियां पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। वहीं नीले कैंपान्यूला, जिरेनियम, पीले कॉरिडेल्स और साइलिन ऑर्किड के फूल घाटी की खूबसूरती में चार चांद लगा रहे हैं।
पिछले वर्ष से डेढ़ गुना बढ़े पर्यटक
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क, ज्योतिर्मठ के उप वन संरक्षक यश ढोबले ने बताया कि फूलों की घाटी को एक जून को पर्यटकों के लिए खोला गया था। अब तक करीब 22 हजार पर्यटक यहां पहुंच चुके हैं, जो वर्ष 2025 की तुलना में करीब डेढ़ गुना अधिक हैं। उन्होंने बताया कि घाटी में वन विभाग की ओर से किए गए विभिन्न हस्तक्षेप और व्यवस्थाओं का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।
31 अक्टूबर तक कर सकेंगे दीदार
फूलों की घाटी प्रत्येक वर्ष एक जून से 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है। इसके बाद शीतकाल में पूरा क्षेत्र बर्फ से ढक जाता है। फूलों की घाटी अपनी दुर्लभ पुष्प जैव विविधता के साथ हिमालयी वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के लिए भी प्रसिद्ध है। रंग-बिरंगे अल्पाइन फूलों और हिमालय की प्राकृतिक छटा को निहारने के लिए हर वर्ष बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक यहां पहुंचते हैं।

