
गोपेश्वर : 10 दिवसीय प्रशिक्षण के बाद 45 नवआचार्य गांवों में जलाएंगे शिक्षा का दीप
गोपेश्वर। एकल अभियान, अंचल गोपेश्वर, भाग गढ़वाल की ओर से आयोजित 10 दिवसीय आचार्य अभ्यास वर्ग का मंगलवार को समापन हो गया। प्रशिक्षण वर्ग में 45 नवआचार्यों को विद्यालय संचालन के साथ ही संस्कार शिक्षा, ग्राम विकास, संगठन, व्यक्तित्व विकास, स्वास्थ्य जागरूकता, सामाजिक समरसता, स्वावलंबन एवं सेवा कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया।

समापन समारोह में प्रशिक्षु आचार्यों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भारतीय संस्कृति और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया। मुख्य अतिथि एवं एकल अभियान के संभाग सदस्य तथा प्रदेश संयोजक (व्यावसायिक प्रकोष्ठ) अतुल साह ने कहा कि एकल अभियान केवल विद्यालय चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, संस्कार, सेवा और स्वावलंबन के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का अभियान है।
उन्होंने कहा कि देशभर में एक लाख से अधिक एकल विद्यालयों के माध्यम से 40 लाख से अधिक परिवारों तक अभियान की पहुंच बन चुकी है। वनवासी, गिरिवासी और दुर्गम क्षेत्रों में एकल विद्यालय शिक्षा के साथ संस्कार और सामाजिक जागरूकता का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आचार्यों की भूमिका केवल शिक्षक की नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले प्रेरक की भी होती है।
उन्होंने नवआचार्यों से अपने-अपने गांवों में शिक्षा के साथ सेवा, संगठन और सामाजिक जागरण का कार्य करने का आह्वान किया। समारोह में प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आचार्यों को सम्मानित किया गया। अतिथियों को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अंचल सचिव हरी प्रसाद ममगाई, बंड विकास संगठन के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी, महामंत्री हरिश पुरोहित, अंचल अभियान प्रमुख रश्मि नेगी, अंचल प्रशिक्षण प्रमुख रेखा देवी, संच समिति प्रमुख प्रमिला देवी, गतिविधि प्रमुख अनूप सेमवाल, उषा देवी, रंजना सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षु आचार्य एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
