संजय कुंवर बदरीनाथ (चमोली)। श्री बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान की राशि में कथित हेराफेरी के आरोपों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर बदरीनाथ के कांग्रेस विधायक लखपत सिंह बुटोला सोमवार को मंदिर के सिंहद्वार के बाहर मौन व्रत पर बैठ गए। उनके साथ ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी धरने पर बैठे।
विधायक बुटोला ने आरोप लगाया कि बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और राज्य सरकार मामले को दबाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस प्रकरण की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच अथवा विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है तो दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
दरअसल, ‘भैरव सेना’ नामक संगठन ने बीकेटीसी के कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों पर चढ़ावे और दान की राशि में आर्थिक हेराफेरी के आरोप लगाए हैं। आरोप सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया है और विपक्ष ने सरकार व मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
उधर, बीकेटीसी ने आरोपों को गंभीरता से लेते हुए चार सदस्यीय जांच समिति गठित की है। चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में शामिल कर्मचारियों और अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। समिति को पूरे मामले की जांच कर शीघ्र रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
मामले को लेकर बदरीनाथ धाम में चर्चाओं का दौर जारी है। अब सबकी निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
