केएस असवाल कर्णप्रयाग/ गौचर : हेमकुंड साहिब यात्रा पर जा रहे निहंग सिखों और स्थानीय लोगों के बीच वाहन पार्किंग को लेकर हुआ मामूली विवाद मंगलवार को खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर निहंगों ने कृपाण से हमला कर दिया, जिसमें होटल संचालक समेत तीन लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल युवक को हेली सेवा से देहरादून रेफर किया गया। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने बदरीनाथ हाईवे पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। जिसके चलते लगभग तीन – चार घंटे जाम की स्थिति बनी रही।

जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे कर्णप्रयाग में एसबीआई के समीप स्थित एक होटल के संचालक प्रकाश रावत (26) अपने दोपहिया वाहन से होटल पहुंचे। इसी दौरान वहां खड़े हेमकुंड यात्रा पर जा रहे कुछ निहंग सिखों से वाहन छू जाने को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद के दौरान निहंगों ने कृपाण निकाल ली और हमला कर दिया। हमले में प्रकाश रावत गंभीर रूप से घायल हो गए। बीच-बचाव करने पहुंचे गजपाल सिंह (50), सुदर्शन कंडारी (55) और हरेंद्र सिंह पंवार (42) भी घायल हो गए।

स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल प्रकाश रावत को गौचर हवाई पट्टी से हेली एंबुलेंस के जरिए देहरादून रेफर किया गया। अन्य घायलों को उपचार के बाद घर भेज दिया गया। वहीं झड़प में घायल निहंग मनप्रीत सिंह (21) निवासी मोहाली, पंजाब को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसे बाद में हायर सेंटर रेफर किया गया।
हाईवे पर लगा जाम, लोगों में आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही व्यापारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए। आक्रोशित लोगों ने बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर विरोध जताया। लोगों का कहना था कि यात्रा के दौरान कुछ लोग कृपाण, डंडे और अन्य हथियार लेकर चल रहे हैं, जिससे आए दिन विवाद और मारपीट की घटनाएं हो रही हैं।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि तीर्थयात्रा मार्गों पर हथियारों के साथ यात्रा पर रोक लगाई जाए और सुरक्षा व्यवस्था सख्त की जाए। करीब एक घंटे तक राजमार्ग पर यातायात प्रभावित रहा।
डीएम-एसपी पहुंचे मौके पर
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे। उन्होंने व्यापार मंडल और जनप्रतिनिधियों से वार्ता कर लोगों को शांत कराया। इस दौरान तीर्थस्थलों पर हथियारों के साथ यात्रा पर रोक लगाने और हेमकुंड यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई गई।
जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि मामले की रिपोर्ट शासन स्तर तक भेजी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन के आश्वासन के बाद लोगों ने जाम खोल दिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
