चमोली : औली की आर्टिफिशियल लेक फिर हुई लबालब, पर्यटकों के चेहरे खिले

Team PahadRaftar

औली की आर्टिफिशियल लेक फिर हुई लबालब, पर्यटकों के चेहरे खिले

संजय कुंवर ज्योतिर्मठ। विश्व प्रसिद्ध हिम क्रीड़ा स्थली औली की आर्टिफिशियल लेक एक बार फिर पानी से लबालब भर गई है। लेक में पर्याप्त जलभराव होने से पर्यटकों और पर्यटन कारोबारियों में खुशी की लहर है। जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारु करने के लिए जीएमवीएन अधिकारियों, कर्मचारियों और स्थानीय होटल व्यवसायियों ने विशेष अभियान चलाया।

जीएमवीएन औली के प्रबंधक प्रदीप शाह के नेतृत्व में टीम ने होटल कारोबारी अजय भट्ट के साथ मिलकर जल स्रोतों और पाइपलाइन का निरीक्षण किया। इसके लिए टीम ने एक ही दिन में करीब 29 किलोमीटर का पैदल सफर तय किया और 13.5 किलोमीटर दूर स्थित बोंड ताल तक पहुंचकर जलापूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की मरम्मत भी की गई।

अगले दिन भी जीएमवीएन कर्मी मौके पर पहुंचे और शेष कार्यों को पूरा किया। लगातार दो दिनों तक चले अभियान और कर्मचारियों की मेहनत का परिणाम रहा कि औली की आर्टिफिशियल लेक दोबारा पूरी तरह पानी से भर गई। लेक के भरने के बाद पर्यटक यहां के मनोरम दृश्य का आनंद ले रहे हैं।

जलभराव के बाद जीएमवीएन कर्मियों ने झील के आसपास स्वच्छता अभियान भी चलाया। क्षेत्र से कूड़ा-कचरा हटाकर पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का संदेश दिया गया। प्रबंधन ने पर्यटकों से भी औली की प्राकृतिक सुंदरता बनाए रखने तथा कूड़ा-कचरा इधर-उधर न फैलाने की अपील की है।

अभियान को सफल बनाने में दिनेश पंवार, कलाम सिंह, थान सिंह, आशीष सिंह, उदय सिंह राणा सहित अन्य कर्मचारियों और सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि आर्टिफिशियल लेक के पुनः भरने से औली की खूबसूरती और आकर्षण में और बढ़ोतरी हुई है, जिससे पर्यटन गतिविधियों को भी बल मिलेगा।

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