पूर्व IAS विनोद रतुड़ी बोले- सरकार नहीं जागी तो गैरसैंण में करेंगे आमरण अनशन
देहरादून। गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी बनाए जाने की मांग को लेकर देहरादून के एकता विहार में चल रहा क्रमिक अनशन 83वें दिन भी जारी रहा। पूर्व वरिष्ठ आईएएस विनोद प्रसाद रतुड़ी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन ने अब उग्र रूप लेना शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों ने सरकार पर जनभावनाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जल्द देहरादून से गैरसैंण तक पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है।

प्रेस वार्ता में पूर्व आईएएस विनोद प्रसाद रतुड़ी ने कहा कि सरकार गैरसैंण के मुद्दे पर पूरी तरह मौन बनी हुई है। उन्होंने कहा कि संविधान में अस्थायी राजधानी जैसी कोई व्यवस्था नहीं है, बावजूद इसके पिछले 25 वर्षों से गैरसैंण की मांग को टाला जा रहा है। रतुड़ी ने कहा कि यह केवल राजधानी का मुद्दा नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आत्मा और राज्य आंदोलनकारियों के सपनों से जुड़ा विषय है।
उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार जनता की आवाज सुनने को तैयार नहीं है। यदि अब भी शासन नहीं जागा तो देहरादून से गैरसैंण तक पैदल मार्च निकाला जाएगा और गैरसैंण पहुंचकर आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
रतुड़ी ने कहा कि आंदोलन को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे एक व्यक्ति ही क्यों न बचे, गैरसैंण के अधिकार की लड़ाई जारी रहेगी।
उत्तराखंड क्रांति दल युवा प्रकोष्ठ के कोषाध्यक्ष सीए वरुण चंदोला ने कहा कि गैरसैंण की मांग किसी राजनीतिक स्वार्थ की नहीं, बल्कि राज्य आंदोलन के शहीदों के सपनों को पूरा करने की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि देहरादून की सुविधाओं में बैठे नीति-निर्माता पहाड़ की समस्याओं को समझना ही नहीं चाहते।
प्रेस वार्ता में कैप्टन राकेश ध्यानी, प्रकाश थपलियाल, सचिन थपलियाल, राजेंद्र प्रसाद, मनमोहन शर्मा, सुधीर गैरोला समेत कई राज्य आंदोलनकारी मौजूद रहे।

