
रोजगार और चारापत्ती मुआवजे पर प्रशासन-एनटीपीसी ने दिया भरोसा, फिलहाल टला धरना
रोजगार-मुआवजे पर भरोसे के बाद टला धरना
संजय कुंवर
जोशीमठ : तपोवन-विष्णुप्रयाग जल विद्युत परियोजना को लेकर प्रभावित ग्रामीणों का उग्र होता आंदोलन फिलहाल थम गया है। जिलाधिकारी गौरव कुमार के हस्तक्षेप के बाद बुधवार को हुई अहम बैठक में प्रभावित पक्ष ने धरना स्थगित करने पर सहमति जता दी। प्रशासन और एनटीपीसी की ओर से रोजगार व चारापत्ती मुआवजे के मुद्दे पर कार्रवाई का भरोसा दिया गया।

जिलाधिकारी ने साफ कहा कि परियोजना में स्थानीय युवाओं को उनकी क्षमता और नियमानुसार रोजगार दिया जाए। वहीं, लंबे समय से लंबित चारापत्ती मुआवजे के मामले को शासन और भारत सरकार स्तर पर उठाकर निस्तारण की बात कही गई। साथ ही एनटीपीसी अधिकारियों को कंपनी प्रबंधन से पत्राचार कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में मौजूद एनटीपीसी अधिकारियों ने भी प्रभावितों की मांगों पर उच्चाधिकारियों से वार्ता कर ठोस पहल का आश्वासन दिया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों और प्रभावित पक्ष की ओर से फिलहाल धरना स्थगित करने पर सहमति बनी।
हालांकि प्रभावितों ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि आश्वासन जमीन पर नहीं उतरे तो आंदोलन फिर तेज हो सकता है। फिलहाल प्रशासन की पहल से टकराव की स्थिति टल गई है।
बैठक में बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ, एनटीपीसी परियोजना प्रमुख ए.के. शुक्ला, एजीएम एचआर सुगाता दास गुप्ता, प्रधान संघ ब्लॉक अध्यक्ष मोहन लाल बजवाल, सभासद प्रवेश डिमरी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

