तालतोली मेले का श्रद्धा और उल्लास के साथ समापन
दो दिन तक भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और लोकसंस्कृति से भक्तिमय रहा माहौल
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ : 11 गांवों की आराध्य देवी भगवती राज-राजेश्वरी की तपस्थली तालतोली में आयोजित दो दिवसीय पारंपरिक मेले का श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ समापन हो गया। मेले के दौरान क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा और दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने देवी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

मेले के दोनों दिन पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवती राज-राजेश्वरी की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और देवी स्तुति से वातावरण आध्यात्मिक बना रहा।
समापन अवसर पर जिला पंचायत सदस्य सुबोध बगवाड़ी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। इस दौरान क्षेत्र की खुशहाली और समृद्धि के लिए विशेष पूजा-अर्चना भी संपन्न कराई गई।
मेले में स्थानीय महिला मंगल दलों ने धार्मिक भजनों की प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें श्रद्धालुओं ने सराहा। वहीं पारंपरिक लोकगीतों और लोकनृत्यों ने आयोजन को और आकर्षक बना दिया।
जिला पंचायत सदस्य सुबोध बगवाड़ी ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन क्षेत्र की संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि तालतोली की वादियों में दो दिनों तक गूंजता भक्तिमय माहौल लंबे समय तक लोगों के मन में बना रहेगा।
मेले के सफल आयोजन में आयोजन समिति और स्थानीय ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस मौके पर मेला समिति अध्यक्ष कलम सिंह राणा, उपाध्यक्ष दयाल सिंह राणा, मंत्री दौलत सिंह रावत, उपमंत्री आनंद सिंह नेगी, कोषाध्यक्ष देवी प्रसाद बगवाड़ी, अवतार सिंह नेगी, दान सिंह धिरवाण, भरत सिंह राणा, ओकार धिरवाण, हुक्म सिंह पंवार, सुरेंद्र सिंह बाजपेई, मेहरबान सिंह नेगी, गोपाल सिंह धिरवाण सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु मौजूद रहे।

