
केदारनाथ यात्रा से पहले व्यापारियों को राहत, कच्ची दुकानें व टेंट रहेंगे यथावत
प्रशासन का भरोसा—स्थानीय लोगों के रोजगार को प्राथमिकता, ऊखीमठ में खत्म हुआ आमरण अनशन
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ : आगामी केदारनाथ धाम यात्रा को लेकर स्थानीय व्यापारियों और टेंट संचालकों को बड़ी राहत मिली है। जिला मुख्यालय में आयोजित बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रा मार्ग पर संचालित कच्ची दुकानों और टेंटों की व्यवस्था पूर्व वर्षों की भांति यथावत बनी रहेगी।

जिलाधिकारी विशाल मिश्रा से मुलाकात के दौरान व्यापारियों ने अपनी समस्याएं और मांगें रखीं, जिस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए प्रशासन ने उनकी आजीविका को सुरक्षित रखने का भरोसा दिया। डीएम ने कहा कि यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाए रखते हुए स्थानीय व्यापारियों के हितों की पूरी रक्षा की जाएगी।

बैठक में आशा नौटियाल, चंडी प्रसाद भट्ट और भारत भूषण भट्ट भी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने व्यापारियों की मांगों को उचित ठहराते हुए प्रशासन से सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया।
विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि सरकार केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के रोजगार को भी प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पुष्कर सिंह धामी से भी चर्चा की गई, जिन्होंने स्थानीय हितों को ध्यान में रखते हुए सहमति दी है।
इस फैसले के बाद क्षेत्र में चल रहा आमरण अनशन भी समाप्त हो गया। ऊखीमठ तहसील परिसर में दो दिनों से चल रहे अनशन को जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की पहल पर खत्म कराया गया। क्षेत्र पंचायत प्रमुख पंकज शुक्ला, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी सहित अन्य लोगों ने अनशनकारियों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
व्यापारियों ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन का आभार जताया है।
प्रशासन का मानना है कि केदारनाथ यात्रा के सफल संचालन में स्थानीय व्यापारियों और टेंट संचालकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए उनके हितों को सुरक्षित रखते हुए यात्रा को बेहतर और व्यवस्थित बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

