आवारा पशुओं के खिलाफ महिलाओं का अनोखा प्रदर्शन, गाय लेकर तहसील पहुंचीं
फसलों की बर्बादी से परेशान महिलाओं ने पैदल मार्च कर प्रशासन से लगाई गुहार
केएस असवाल
थराली (चमोली) : मंगलवार को थराली में एक अनूठा और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जब कुलसारी, बसर और आसपास के गांवों की महिलाएं आवारा पशुओं से त्रस्त होकर एक गाय को साथ लेकर पैदल मार्च करते हुए तहसील परिसर पहुंचीं। महिलाओं ने उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट के समक्ष अपनी पीड़ा रखी और समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।
महिलाओं का कहना है कि क्षेत्र में लोग अपने पालतू पशुओं विशेषकर गाय को दूध उत्पादन बंद होने के बाद खुले में छोड़ देते हैं। ये आवारा पशु गांवों और बाजार से सटे खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
महिलाओं ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने आपसी चंदा इकट्ठा कर कई आवारा पशुओं को गौ सदन और गौ आश्रमों तक पहुंचाया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। लगातार छोड़े जा रहे पशुओं के कारण हालात और गंभीर होते जा रहे हैं।
इसी के विरोध में महिलाओं ने कुलसारी से तहसील तक पैदल मार्च कर प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा। प्रदर्शन के दौरान लाई गई गाय को उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट के निर्देश पर गौ सदन भिजवाया गया।
उपजिलाधिकारी भट्ट ने आमजन से अपील की कि वे उपयोग के बाद अपने पशुओं को इस तरह सड़कों पर न छोड़ें। उन्होंने आश्वासन दिया कि पशुपालन विभाग के सहयोग से ऐसे लोगों पर नजर रखी जाएगी और पकड़े जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान सुनीता भंडारी, दीपा देवी, प्रेमा चंदौला सहित कई महिलाएं मौजूद रहीं। महिलाओं के इस अनोखे विरोध ने प्रशासन को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है और क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या एक बार फिर प्रमुख मुद्दा बनकर उभरी है।

