संजय कुंवर
चमोली : जिले की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और निचले इलाकों में झमाझम बारिश से काश्तकारों को मिली संजीवनी।
उत्तराखंड के चमोली जिले में मौसम ने अचानक करवट ली है। ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में हुई बारिश से जहां ठंड बढ़ गई है, वहीं लंबे समय से परेशान किसानों के चेहरों पर राहत की मुस्कान लौट आई है।
दरअसल, पिछले कई महीनों से जिले में बारिश और बर्फबारी का अभाव था। इससे गेहूं, सरसों, मसूर और जौ जैसी रबी फसलों पर संकट के बादल मंडरा रहे थे।
रविवार को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से चमोली की ऊंची चोटियों पर अच्छी बर्फबारी हुई, जबकि निचले इलाकों में बारिश दर्ज की गई। इस मौसम परिवर्तन से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे फसलों को नया जीवन मिला है।
किसानों का कहना है कि समय पर हुई यह बारिश उनके लिए संजीवनी साबित हुई है। बारिश और बर्फबारी से मिट्टी की नमी बढ़ती है, कीट-रोगों पर भी नियंत्रण मिलता है और आने वाली फसलों के लिए भी यह लाभकारी होती है। स्थानीय कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह सहयोग करता रहा तो गेहूं और सरसों की फसलों को अच्छा फायदा मिल सकता है और उत्पादन में सुधार की उम्मीद है।
बदरीनाथ – केदारनाथ धाम के साथ हेमकुंड साहिब, औली, गौरसों बुग्याल में सीजन की तीसरी बर्फबारी होने से पर्यटन व्यवसायियों के चेहरों पर भी मुस्कान लौट आई है।
