ऊखीमठ : भेड़ पालकों की आराध्य देवी मनणामाई लोकजात यात्रा की तैयारियां शुरू

Team PahadRaftar

लक्ष्मण नेगी 

ऊखीमठ : मदमहेश्वर घाटी की ह्रदय स्थली के रूप मे विख्यात व भगवती राकेश्वरी की तपस्थली रासी गाँव से आगामी दिनों में शुरू होने वाली 6 दिवसीय मनणामाई लोकजात यात्रा की सभी तैयारियां शुरू कर दी गयी है तथा लोकजात यात्रा के आयोजन से मदमहेश्वर घाटी के जनमानस मे भारी उत्साह बना हुआ है।

मनणामाई लोकजात यात्रा लगभग 32 किमी दूरी पैदल तय करने के बाद चौखम्भा की तलहटी व मदानी नदी के किनारे विराजमान मनणामाई तीर्थ पहुंचती है तथा वापस रासी गाँव पहुंचने पर लोकजात यात्रा का समापन होता है। रासी गाँव से शुरू होने वाली मनणामाई लोक जात यात्रा सनियारा, पटूडी, थौली , शीला समुद्र, कुलवाणी होते हुए मनणामाई तीर्थ पहुंचती है। मनणामाई को भेड़ पालकों की अराध्य देवी माना जाता है तथा मनणामाई तीर्थ के दर्शन करने से हर भक्त के सभी मनोरथ पूर्ण होते है। मनणामाई लोक जात यात्रा का शुभारंभ प्रति वर्ष सावन माह मे रासी गाँव से होता है तथा लोक जात यात्रा के मनणामाई तीर्थ पहुंचने पर भगवती मनणामाई की विधि – विधान से पूजा अर्चना की जाती है। राकेश्वरी मन्दिर समिति पूर्व अध्यक्ष जगत सिंह पंवार ने बताया कि आगामी दिनो मे रासी गाँव से शुरू होने वाली मनणामाई लोकजात यात्रा की सभी तैयारियां शुरू कर दी गयी है तथा मनणामाई लोक जात यात्रा को भव्य रूप देने की सामूहिक पहल की जा रही है। बदरी – केदार मन्दिर समिति पूर्व सदस्य शिव सिंह रावत ने बताया की मनणामाई लोक जात यात्रा का आयोजन प्रतिवर्ष सावन माह मे किया जाता है तथा ऊंचाई वाले इलाको मे संसाधनों की कमी होने से लोक जात यात्रा मे सीमित श्रद्धालु शामिल होते हैं। मनणामाई लोकजात यात्रा के हक – हकूकधारी रवि भट्ट ने बताया कि मनणामाई लोक जात यात्रा सुरम्य मखमली बुग्यालों के मध्य से होते हुए मनणामाई तीर्थ पहुंचती है तथा भक्तो मे भारी उत्साह बना रहता है। पण्डित भगवती प्रसाद भट्ट ने बताया की मनणामाई लोक जात यात्रा मदमहेश्वर घाटी की धार्मिक, आध्यात्मिक विरासत है तथा प्रदेश सरकार , पर्यटन विभाग व केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के सहयोग से इस लोकजात यात्रा को नन्दा देवी राजजात यात्रा की तर्ज पर भव्य रूप दिया जा सकता है। पण्डित ईश्वरी प्रसाद भट्ट ने बताया कि वैसे मनणामाई लोक जात यात्रा के रासी गाँव से प्रस्थान करने का लगन आगामी 21 जुलाई है मगर 24 जुलाई को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के कारण मनणामाई लोक जात यात्रा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद भी शुरू हो सकती है। मदमहेश्वर घाटी बुरूवा निवासी मदन भट्ट ने बताया की मनणामाई लोक जात यात्रा मे शामिल होने का सौभाग्य भगवती की असीम कृपा से मिलता है। शिक्षाविद देवानन्द गैरोला ने बताया कि मनणामाई लोकजात यात्रा मे शामिल होने तथा मनणामाई तीर्थ के दर्शन करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। मदमहेश्वर घाटी विकास मंच पूर्व संरक्षक राकेश नेगी ने बताया कि मनणामाई तीर्थ के दर्शन करने व लोक जात यात्रा में शामिल होने से अखिल कामनाओं की पूर्ति होती है।

Next Post

गोपेश्वर : हाई रिस्क गर्भवती महिला का सुरक्षित संस्थागत प्रसव 

हाई रिस्क गर्भवती महिला का सुरक्षित संस्थागत प्रसव, स्वास्थ्य विभाग की सजगता से बची जान  गोपेश्वर : स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देशों एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता के मार्गदर्शन में जनपद चमोली में स्वास्थ्य विभाग द्वारा गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव हेतु विशेष अभियान चलाया जा […]

You May Like