ऊखीमठ : भगवान तुंगनाथ के कपाट खुलने के बाद यात्रा पड़ावों पर बनी रौनक

Team PahadRaftar

तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद लगातार श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हो रहा है, तीर्थयात्री तुंगनाथ मंदिर के दर्शन के साथ प्रकृति की नैसर्गिक सौंदर्य का भी लुत्फ उठा रहे हैं।

लक्ष्मण नेगी 

ऊखीमठ : तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम के कपाट खुलते ही तुंगनाथ धाम सहित यात्रा पड़ावों पर रौनक लौटने लगी है। तुंगनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद प्रतिदिन सैकड़ों तीर्थ यात्री तुंगनाथ धाम पहुंचकर भगवान तुंगनाथ के स्वयंभू लिंग की पूजा – अर्चना और जलाभिषेक कर पुण्य अर्जित कर रहे है। तुंगनाथ यात्रा पड़ावों पर तीर्थ यात्रियों, पर्यटकों व सैलानियों की भारी संख्या में आवाजाही होने से स्थानीय व्यापारियों के चेहरे पर रौनक लौटने लगी है। तुंगनाथ धाम पहुंचने वाला तीर्थ यात्री तुंगनाथ घाटी व चन्द्र शिला के प्राकृतिक सौंदर्य से रूबरू होकर अपने को धन्य महसूस कर रहा है। तुंगनाथ घाटी में रूक – रूककर हो रही बारिश से चोपता – तुंगनाथ पैदल मार्ग के दोनों तरफ फैले सुरम्य मखमली बुग्यालों में हरियाली लौटने तथा विभिन्न प्रजाति के पुष्पों के खिलने से उस भूभाग के प्राकृतिक सौन्दर्य पर चार चांद लगने शुरू हो गयें हैं।

बता दें कि तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट बीते शुक्रवार को ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये गये हैं, कपाट खुलने के पावन अवसर पर 16 सौ से अधिक तीर्थ यात्री तुंगनाथ धाम पहुंचकर कपाट खुलने के साक्षी बने थे। तुंगनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद प्रतिदिन दिन सैकड़ों तीर्थ यात्रियों के तुंगनाथ धाम सहित यात्रा पड़ावों पर आवाजाही होने से तुंगनाथ धाम सहित यात्रा पड़ावों पर रौनक लौटने लगी है तथा व्यापारियों के चेहरे खिलने लगे हैं। तुंगनाथ धाम के प्रबन्धक बलवीर नेगी ने बताया कि तुंगनाथ धाम की यात्रा धीरे – धीरे परवान चढ़ने लगी है तथा तुंगनाथ धाम पहुंचने वाला तीर्थ यात्री तुंगनाथ धाम में पूजा अर्चना व जलाभिषेक करने के बाद चन्द्र शिला के शिखर पर पहुंचने के बाद तुंगनाथ घाटी का दृश्योवलोकन करने के बाद अपने को धन्य महसूस कर रहा है। पहली बार तुंगनाथ धाम की यात्रा पर आये दिल्ली जनकपुरी निवासी निखिल ने बताया कि चोपता – तुंगनाथ पैदल मार्ग के दोनों तरफ फैले सुरम्य मखमली बुग्यालों में हरियाली लौटने से तुंगनाथ घाटी के प्राकृतिक सौन्दर्य पर चार चांद लगने शुरू हो गये हैं। राजस्थान भिवाडी निवासी दीपक ने बताया कि तुंगनाथ धाम में पूजा अर्चना करने से मनौवाछित फल की प्राप्ति होती है इसलिए तुंगनाथ धाम में बार – बार जाने की लालसा बनी रहती है।

आगरा निवासी अनामिका का कहना है कि तुंगनाथ घाटी के प्राकृतिक सौन्दर्य को प्रकृति ने अपने वैभवों का भरपूर दुलार दिया है इसलिए तुंगनाथ घाटी के पग – पग पर पर्दापण करने से असीम शान्ति की अनुभूति होती है। उज्जैन निवासी जूही ने बताया कि तुंगनाथ धाम में पूजा – अर्चना के बाद बड़ा शगुन मिलता है इसलिए प्रति वर्ष लाखों तीर्थ यात्री तुंगनाथ धाम पहुंचकर पुण्य के भागी बनते हैं। स्थानीय व्यापारी बिक्रम सिंह भण्डारी ने बताया कि तुंगनाथ घाटी पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों, पर्यटकों व सैलानियों की आवाजाही में धीरे – धीरे इजाफा हो रहा है।

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