
ज्योतिर्मठ नगर क्षेत्र में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को लेकर पालिका में बैठक, ठोस कार्ययोजना बनाने की मांग
संजय कुंवर ज्योतिर्मठ। नगर क्षेत्र में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष और भालुओं की बढ़ती सक्रियता को लेकर नगर पालिका परिषद ज्योतिर्मठ में बैठक आयोजित की गई। पालिका अध्यक्ष देवेश्वरी शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में नगर के सभी नौ वार्डों के सभासदों के साथ नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के डीएफओ व वन क्षेत्राधिकारी मौजूद रहे। बैठक में भालू प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और मानव सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई।
बैठक में सभासदों ने कहा कि नगर क्षेत्र के कई इलाकों में भालुओं और अन्य वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ रही है। इससे लोगों में भय का माहौल है। उन्होंने कहा कि वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ मानव जीवन की सुरक्षा भी प्राथमिकता होनी चाहिए। मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए धरातल पर ठोस कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता है।
सभासदों ने वन विभाग से भालू प्रभावित वार्डों में नियमित गश्त बढ़ाने, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी करने और लोगों को जागरूक करने की मांग की। साथ ही वन्यजीवों की गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
क्यूआरटी टीम कर रही गश्त
डीएफओ नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क यश ढोबले ने बताया कि भालू प्रभावित क्षेत्रों में विभाग की क्यूआरटी टीम लगातार गश्त कर रही है। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त और बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए स्थानीय लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। लोगों से वन्यजीवों की गतिविधि दिखाई देने पर सतर्क रहने और इसकी सूचना वन विभाग को देने की अपील की गई।

बैठक में वन विभाग के अधिकारियों ने मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने के कारणों और रोकथाम के उपायों की जानकारी दी। पालिका अध्यक्ष व सभासदों ने वन विभाग के साथ समन्वय बनाकर संघर्ष की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की आवश्यकता जताई।
