चमोली : भविष्य बदरी के कपाट खुले, नई फसल की बालियां चढ़ाकर ग्रामीणों ने मांगा आशीर्वाद

Team PahadRaftar

भविष्य बदरी के कपाट खुले, नई फसल की बालियां चढ़ाकर ग्रामीणों ने मांगा आशीर्वाद

संजय कुंवर 

ज्योतिर्मठ, चमोली : पंच बदरी समूह के प्रमुख भविष्य बदरी धाम के कपाट गुरुवार को विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही प्रातः 6:15 बजे शुभ मुहूर्त में मंदिर के द्वार खोले गए।

मुख्य पुजारी संजय प्रसाद डिमरी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कपाट खुलवाए। इस दौरान सुभाई गांव के ग्रामीणों ने वैशाख माह की नई फसल गेहूं और जौ की हरी बालियां भगवान श्री हरि नारायण को अर्पित कर खुशहाली की कामना की। गांव में सुबह से ही मांगल गीतों के साथ उत्सव जैसा माहौल बना रहा।

कपाट खुलने के साथ ही अब छह माह तक मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना, अभिषेक और भोग की व्यवस्थाएं संचालित होंगी। बदरीनाथ धाम की तर्ज पर यहां भी बीकेटीसी की देखरेख में पूजा संपन्न कराई जाएगी।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, नृसिंह मंदिर में विराजमान भगवान नृसिंह की बाईं कलाई लगातार क्षीण हो रही है। मान्यता है कि जिस दिन यह कलाई टूटेगी, उसी दिन जय-विजय पर्वत आपस में मिल जाएंगे और बद्रीनाथ का मार्ग बंद हो जाएगा। तब भगवान बदरी विशाल भविष्य बदरी धाम में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे।

प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे सुभाई गांव में कपाट खुलने के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्री भी इस धाम में दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं।

बताया जाता है कि इस मंदिर की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य ने की थी। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने और बंद होने की तिथि के अनुसार ही भविष्य बदरी के कपाट भी खोले और बंद किए जाते हैं।

Leave a Reply

You May Like