
चौंदकोट में जंगली जानवरों का आतंक, ग्रामीणों ने वन मंत्री से लगाई गुहार
जसपाल नेगी, पौड़ी : चौंदकोट क्षेत्र में जंगली जानवरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालात यह हैं कि ग्रामीण भय के साये में जीने को मजबूर हैं, जबकि फसलें और मवेशी लगातार नुकसान झेल रहे हैं। इससे नाराज चौंदकोट वेलफेयर सोसाइटी ने प्रदेश सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
मंगलवार को सोसाइटी पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से वन मंत्री को ज्ञापन भेजा। अध्यक्ष उम्मेद सिंह गुसांई और महासचिव कविंद्र इष्टवाल ने बताया कि क्षेत्र में गुलदार, भालू, जंगली सूअर, बंदर और लंगूर का आतंक बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि गुलदार आए दिन मवेशियों को निवाला बना रहा है, जबकि अन्य जंगली जानवर खेतों में खड़ी फसलों को चौपट कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है और कई लोग खेती छोड़ पलायन को मजबूर हैं।
सोसाइटी ने मांग की है कि आबादी वाले क्षेत्रों में नियमित गश्त बढ़ाई जाए, हिंसक जानवरों की जियो-टैगिंग की जाए और गुलदार-भालू को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाएं। साथ ही फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले जानवरों पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
इसके अलावा खेतों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ व सोलर फेंसिंग पर अनुदान देने और फसल व मवेशियों के नुकसान पर समयबद्ध मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई है।
सोसाइटी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
