
कोठी-परसारी फार्म फिर हुए सक्रिय, ‘कुफरी ज्योति F1’ आलू बीज की बुवाई शुरू
संजय कुंवर ज्योतिर्मठ : दशकों से बंद पड़े राजकीय आलू प्रक्षेत्र कोठी और बहुधंधी उद्यान प्रक्षेत्र परसारी को आखिरकार फिर से जीवन मिल गया है। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने दोनों फार्मों को एक्टिव मोड में लाते हुए उन्नत किस्म के आलू बीज ‘कुफरी ज्योति F1’ की बुवाई शुरू कर दी है।
कभी पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए यही फार्म उन्नत बीज का मुख्य स्रोत हुआ करते थे, लेकिन उत्पादन ठप होने के बाद काश्तकारों को बाहरी राज्यों के महंगे बीजों पर निर्भर होना पड़ा। अब विभाग की इस पहल से किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
विभागीय अधिकारी सोमेश भंडारी के मुताबिक, कोठी फार्म में करीब 1.60 हेक्टेयर क्षेत्र में 56 कुंतल और परसारी फार्म में एक हेक्टेयर क्षेत्र में 35 कुंतल बीज बोया जा रहा है। अक्टूबर-नवंबर में खुदाई के बाद यह बीज राजकीय सहायता पर किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि विभाग का लक्ष्य आलू बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनना और बंद पड़े फार्मों को दोबारा उत्पादन के केंद्र के रूप में विकसित करना है। लंबे समय बाद शुरू हुई इस पहल से क्षेत्र के किसानों को अब स्थानीय स्तर पर ही उन्नत और सस्ता बीज मिलने की उम्मीद जगी है।
