किताबों से निकल प्रकृति की पाठशाला में पहुंचे छात्र, चोपता-मंडल में सीखे जीवन के सबक
पीएम श्री राइंका माणा घिघंराण के छात्र-छात्राओं का एक दिवसीय शैक्षिक भ्रमण, पर्यावरण संरक्षण और औषधीय पौधों की मिली जानकारी
गोपेश्वर : किताबों से बाहर निकलकर प्रकृति के बीच सीखने का अनोखा अनुभव मंगलवार को पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज माणा घिघंराण के छात्र-छात्राओं को मिला। विद्यालय की ओर से आयोजित एक दिवसीय शैक्षिक भ्रमण में विद्यार्थियों ने चोपता की मनमोहक वादियों के बीच प्रकृति, पर्यावरण और जैव विविधता को करीब से जाना, वहीं जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान, मंडल में दुर्लभ औषधीय पौधों और उनके उपयोग की जानकारी हासिल की।
भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं ने चोपता क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, हिमालयी चोटियों और हरे-भरे बुग्यालों का अवलोकन किया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को क्षेत्र की भौगोलिक बनावट, पारिस्थितिकी तंत्र और पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। विद्यार्थियों ने खुले वातावरण में सीखने के इस अनुभव को उत्साह के साथ आत्मसात किया।
इसके बाद छात्र-छात्राएं जड़ी-बूटी शोध एवं विकास संस्थान, मंडल पहुंचे। यहां संस्थान के वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने उन्हें उत्तराखंड में पाई जाने वाली दुर्लभ जड़ी-बूटियों, उनके औषधीय महत्व और संरक्षण की जानकारी दी।
छात्रों ने संस्थान की हाई-टेक नर्सरी का भी अवलोकन किया, जहां विभिन्न प्रजातियों के औषधीय पौधों को देखा। इस दौरान उन्हें जड़ी-बूटियों से दवाइयां और अन्य उत्पाद तैयार करने की प्रक्रिया भी समझाई गई, जिसे विद्यार्थियों ने बड़े कौतूहल के साथ देखा और समझा।
विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण छात्रों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक समझ देते हैं। साथ ही उन्हें अपने परिवेश, प्राकृतिक संसाधनों और भविष्य में वानिकी, पर्यावरण विज्ञान तथा आयुर्वेद जैसे क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं को जानने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने कहा कि ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों में अनुभवात्मक शिक्षा, वैज्ञानिक सोच और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में सहायक साबित होते हैं।

