आरोपितों पर सख्त कार्रवाई की मांग, महिलाओं ने बंद कराई शराब की दुकान
जसपाल नेगी
पौड़ी: जिला मुख्यालय पौड़ी में गुरुवार को हुई मारपीट और कैंची हमले की घटना के विरोध में शुक्रवार को शहर का बाजार बंद रहा। स्थानीय व्यापारियों और लोगों के आह्वान पर सुबह से ही मुख्य बाजारों में दुकानों के शटर बंद रहे। घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों ने शहर में जुलूस निकालकर आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

घटना के मद्देनजर पूरे शहर में पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। बाजार और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया। दिनभर पुलिस टीम गश्त कर हालात पर नजर बनाए रही।
कार का शीशा टकराने से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को जेल गदेरे के पास एक दुकान के समीप कार का शीशा एक नाई के हाथ से टकरा गया था। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते कहासुनी मारपीट में बदल गई। आरोप है कि विवाद के दौरान नाई ने युवक पर कैंची से हमला कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया।
इसी के विरोध में शुक्रवार को स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने बाजार बंद रखा। बंद का असर पूरे शहर में देखने को मिला। मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और सामान्य गतिविधियां भी प्रभावित रहीं।

महिलाओं ने जताया आक्रोश
घटना के विरोध में निकाले गए जुलूस में महिलाओं की भी भागीदारी रही। आक्रोशित महिलाओं ने शहर में एक शराब की दुकान भी बंद करवा दी। जुलूस के दौरान लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
जुलूस में राज्य आंदोलनकारी बीरा भंडारी, कमला नेगी, विकास चौहान, हीना, रीना, आरती देवी, कल्पेश्वरी देवी सहित कई लोग शामिल रहे।
शांति व्यवस्था बनाए रखने को पुलिस मुस्तैद
एसएसपी सर्वेश पंवार ने बताया कि पौड़ी कस्बे में बाजार बंद के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष पुलिस बल की तैनाती की गई है।
उन्होंने बताया कि पुलिस की ओर से लगातार गश्त कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। साथ ही आमजन से संवाद स्थापित कर शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की जा रही है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक सूचनाओं पर भी पुलिस की सतर्क नजर है।
लोगों में नाराजगी, कार्रवाई का इंतजार
घटना के बाद पौड़ी शहर में लोगों के बीच नाराजगी बनी हुई है। बाजार बंद और जुलूस के जरिए लोगों ने साफ संकेत दिया है कि वे इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई चाहते हैं। अब सभी की नजर पुलिस और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी है।

