विवेकानंद पब्लिक जूनियर हाईस्कूल ज्ञान कुंज राऊलैक में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच हुआ उद्घाटन
लक्ष्मण नेगी
ऊखीमठ : मदमहेश्वर घाटी के दूरस्थ राऊलैक क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीद जगी है। विवेकानंद पब्लिक जूनियर हाईस्कूल ज्ञान कुंज राऊलैक में नवनिर्मित विद्यालय भवन का लोकार्पण समारोह उत्साह और उल्लास के माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।

विद्यालय भवन का निर्माण मातुश्री काशीबा गोटी चेरिटेबल ट्रस्ट, सूरत (गुजरात) के सहयोग से किया गया है। लोकार्पण समारोह में ट्रस्ट से जुड़े प्रतिनिधियों, सूरत के उद्योगपतियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शिरकत की। अतिथियों ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद भवन का उद्घाटन किया और इसे क्षेत्र में शिक्षा के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।

समारोह के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने लोकनृत्य, गीत, नाटक और देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय संस्कृति और विद्यार्थियों की प्रतिभा की सुंदर झलक देखने को मिली।
इस अवसर पर ट्रस्ट के मुख्य सहयोगी जयंतीभाई वी. नारोला ने कहा कि दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ऐसे प्रयास अत्यंत जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि नए भवन के निर्माण से बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिलेगा और उनका सर्वांगीण विकास होगा।

स्वामी नारायण आश्रम ऋषिकेश के अध्यक्ष सुनील भगत ने कहा कि ट्रस्ट के माध्यम से विभिन्न राज्यों में सरस्वती धामों का निर्माण कर बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। ट्रस्ट प्रतिनिधि रोहितभाई विट्ठलभाई सांवलिया और धीरूभाई मुलजीभाई गोटी ने बताया कि ट्रस्ट ने 351 सरस्वती धाम बनाने का लक्ष्य रखा है और राऊलैक में बना यह विद्यालय भवन 256वां सरस्वती धाम है।
समारोह में केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के प्रतिनिधि रमेश नौटियाल, राज्य मंत्री चंडी प्रसाद भट्ट, कनिष्ठ प्रमुख प्रदीप त्रिवेदी, साहित्यकार जीवन्ती खोयाल, पूर्व कुलपति डॉ. संजय डुंगराणी, छगनभाई आर. सिमेडिया और राजेश कुमार धामेलिया समेत कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
विद्यालय के प्रबंधक राकेश नेगी ने कहा कि यह भवन क्षेत्र के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगा। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों, ट्रस्ट पदाधिकारियों और ग्रामीणों का आभार जताया।
लोकार्पण समारोह ने मदमहेश्वर घाटी में शिक्षा के प्रति नई उम्मीद और उत्साह का संचार किया है।

